ट्विटर पर फ़ुटबॉल पत्रकार बना किशोर

सैम गार्डिनर

उत्तरी लंदन के एक स्कूली छात्र ने ट्विटर पर लोगों को यह बताकर बेवकूफ़ बना दिया कि वह एक फ़ुटबॉल पत्रकार है और उन पर लोगों ने इतना यकीन किया कि उनके 20,000 फ़ॉलोअर बन गए.

बीबीसी ट्रेंडिंग रेडियो से बातचीत करते हुए सैम गार्डिनर ने बताया कि उन्होंने ऐसा कैसे किया और क्यों?

सैम ने फ़ुटबॉल खिलाड़ियों के साथ काल्पनिक साक्षात्कार किए, अपने फ़ॉलोअर्स से सवाल मांगे और फिर उनके काल्पनिक जवाब लिखे. उन्होंने ऐसा जताया कि वह सीधे स्टेडियम से रिपोर्टिंग कर रहे हैं और त्वरित स्थानांतरणों के बारे में अफ़वाहें फैलाईं.

उन्होंने 20,000 से ज़्यादा लोगों को फ़ॉलोअर बना लिया- जिनमें बड़ी संख्या में खेल पत्रकार और कई फ़ुटबॉलर भी थे. और यह सब उसने हाई बार्नेट में अपने शयनकक्ष में बैठकर किया.

परिष्कृत रणनीति

बीबीसी ट्रेंडिंग रेडियो को उन्होंने बताया, "मेरा उद्देश्य जानबूझकर लोगों को गुमराह करना नहीं था. मेरा उद्देश्य यह था कि मैं अपने विचार सबसे बड़े मंच पर रखूं और उन्हें दुनिया भर में फैलाऊं."

सैम एक ऐसे किशोर के रूप में उकता गए थे जिसे कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है.

तो 16 साल की उम्र में उन्होंने खुद को एक फ़ुटबॉल स्काउट से पत्रकार बने डॉमिनिक जोन्स के रूप में पेश किया. प्रोफ़ाइल पिक्चर के रूप लिए उन्होने ऑनलाइन मिली एक फ़ोटो इस्तेमाल किया.

उनके लिए बड़ा मौका वह था जब नवंबर 2012 में उन्होंने चेल्सी के मैनेजर रॉबर्टो दि मैटिओ को हटाए जाने से ठीक एक दिन पहले उन्हें हटाए जाने का सटीक अनुमान लगाया.

लेकिन उनके इस अहम को जल्द ही धक्का लगा. लेकिन इससे बेपरवाह उन्होंने अपना ट्विटर का नाम, तस्वीर, बायोडाटा बदल दिया.

Image caption सैम ने इसी तस्वीर के साथ ट्विटर पर फ़ुटबॉल पत्रकार का फ़र्ज़ी अकाउंट बनाया था.

इस बार उन्होंने सैमुअल रोड्स नाम का एक किरदार बुना- सुनहरे बालों, नीली आंखों वाला एक फ़ुटबॉल पत्रकार, जो डेली टेलीग्राफ़ और फ़ाइनेंशियल टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों के लिए लिखता है.

उन्होंने अपने सामने 50,000 फ़ॉलोअर्स बनाने का लक्ष्य रखा और एक परिष्कृत सोशल मीडिया रणनीति तैयार की. उन्होंने ख़ास तौर पर उन पत्रकारों का अध्ययन किया जो ट्विटर पर सफल हैं.

उन्होंने देखा कि वे लोग ट्वीट में मज़ाक, विचार, गप, और आंकड़ों का एक मिश्रण रखते हैं. वह कहते हैं कि उन्होंने इनका अनुसरण किया.

वह व्यस्त समय में ट्वीट करते, समय से 30 मिनट पहले ट्वीट करते और फिर सबसे महत्वपूर्ण फ़ॉलोअर्स के साथ भिड़ जाते.

दरअसल गार्डिनर को सबसे बड़ा धक्का उसके कृत्रिम नियोक्ताओं से ही मिला. एक असली फ़ुटबॉल संवाददाता, दि डेली टेलीग्राफ़ के मारक ऑग्डेन, ने ट्वीट किया, "बस पुष्टि करना चाहते हैं, @सैमुअलरोड्स (@SamuelRhodes) टेलीग्राफ़ में काम नहीं करता, इसलिए उसके द्वारा किए गिए ट्वीट की परवाह न करें. पता नहीं वह कौन है."

@सैमुअलरोड्स ट्विटर अकाउंट अब निलंबित है. हालांकि गार्डिनर अब भी फ़ुटबॉल और अन्य चीज़ों के बारे में ट्वीट कर रहे हैं @सैमग्दिमैन (@samgtheman) अकाउंट से. उनके 150 फ़ॉलोअर्स हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार