माउंट एवरेस्ट पर तैनात करने पड़ रहे हैं पुलिसकर्मी

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जरा सोचिए क्या होगा अगर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी यानी माउंट एवरेस्ट पर मारपीट शुरू हो जाए? कौन उन्हें बचाने जाएगा और कौन समझौता कराएगा?

इन्हीं चिंताओं के मद्देनजर नेपाल सरकार ने कहा है कि वो माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करेगा.

ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि पर्वतारोहियों के बीच किसी टकराव की स्थिति में बीच-बचाव किया जा सके.

बीते साल अप्रैल में माउंट एवरेस्ट की चोटी पर दो प्रसिद्ध यूरोपीय पर्वतारोहियों और उनके नेपाली गाइड के बीच कथित तौर पर मारपीट हुई थी.

ये लड़ाई उस समय हुई थी जब वो कैंप तीन के नजदीक 24,500 फ़ीट की ऊंचाई पर थे.

हालांकि उस विवाद को बाद में सुलझा लिया गया लेकिन भविष्य में ऐसी किसी लड़ाई को टालने के लिए नेपाल सरकार माउंट एवरेस्ट पर सुरक्षा बलों की तैनाती करेगी.

अप्रैल से मई के बीच बड़ी संख्या में पर्वतारोही नेपाल आते हैं और ऐसे में वहां भीड़-भाड़ काफी अधिक हो जाती है.

तैनाती

अप्रैल में पर्वतारोहण की शुरुआत होते ही एवरेस्ट के बेस कैंप में सेना और पुलिस के जवानों की तैनाती की जाएगी.

नेपाल में पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी दीपेन्द्र पाउडेल ने बीबीसी नेपाली सेवा के सुरेन्द्र फुयाल को बताया कि सुरक्षा दल में नौ लोग होंगे.

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इसमें नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के एक-एक अधिकारी भी शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग के अधिकारी उनकी मदद करेंगे.

माउंट एवरेस्ट पर 1953 के बाद से अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा लोग चढ़ चुके हैं. सबसे पहली बार तेनजिंग नार्गे और एडमंड हिलेरी ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी.

माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है और इसका विस्तार नेपाल से लेकर चीन तक है. इसकी ऊंचाई 29,029 फ़ीट है.

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