यूक्रेनः जेल से रिहा होकर जनता के बीच पहुँचीं पूर्व प्रधानमंत्री

  • 23 फरवरी 2014
यूलिया टेमोशेंको

यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया टीमोशेंको रिहा होने के कुछ देर बाद ही राजधानी कीएफ़ के मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों के बीच पहुँची जहाँ उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ.

कमर में चोट के कारण यूलिया टीमोशेंको व्हीलचेयर पर बैठकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँची और उन्हें संबोधित किया.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते वक़्त यूलिया की आँखों में आँसू थे. यूलिया ने कहा, "आप नायक हो, यूक्रेन के सबसे अच्छे नागरिक हो."

यूलिया राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के पद और कीएफ़ छोड़नेके बाद भीड़ को संबोधित कर रहीं थी. राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को यूक्रेन के सांसदों ने पद से हटा दिया है.

चेतावनी के सुर

यूलिया ने चेतावनी भरे लहज़े में कहा कि अभी प्रदर्शनकारियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनका काम पूरा हो गया है.

यूलिया ने कहा, "जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता और जब तक हम मंज़िल नहीं पा लेते तब तक कोई यहाँ से न जाए. क्योंकि और कोई यह काम नहीं कर सकता है. न ही कोई और देश यह कर सकता है जो तुम लोगों ने किया है. हमने इस कैंसर को, इस ट्यूमर को ख़त्म कर दिया है."

कीएफ़ में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड स्टर्न का कहना है कि भले ही यूलिया के समर्थन में नारेबाज़ी हो रही है लेकिन अभी उन्हें विपक्ष का संपूर्ण समर्थन नहीं मिला है.

जेल जाने से पहले यूलिया की लोकप्रियता कम हो रही थी और बहुत से यूक्रेनवासी 'ऑरेंज क्रांति' के बाद की अव्यवस्था के लिए उन्हें ज़िम्मेदार मानते हैं या उन्हें यूक्रेन के भ्रष्ट नेताओं में शामिल करते हैं.

कीएफ़ के स्वतंत्रता चौक पर मौज़ूद बीबीसी संवाददाता टिम विलकॉक्स के मुताबिक यूलिया जब मंच पर पहुँची तो दर्ज़नों प्रदर्शनकारी निराशा में उठकर यह चिल्लाते हुए चले गए कि यूलिया उनका प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं.

यूलिया टीमोशेंको को संसद में शुक्रवार को हुए मतदान के बाद रिहा किया गया है.

उन्हें 2011 में प्रधानमंत्री काल के दौरान दिए आदेशों पर आए एक विवादित फ़ैसले में सात साल की सज़ा दी गई थी.

इससे पहले शनिवार सुबह वे यूक्रेन के पूर्वी शहर ख़ार्किव में एक अस्पताल से रिहा हुईं. यहाँ उन्हें जेल के सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखा गया था. यहाँ से फ्लाइट के ज़रिए वो कीएफ़ पहुँची.

इंटरफ़ैक्स एजेंसी के मुताबिक कीएफ़ हवाई अड्डे पर यूलिया ने पत्रकारों से कहा कि हिंसा में शामिल लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए.

हिंसा का दौर

यूक्रेन में ज़ारी प्रदर्शनों के दौरान गुरुवार सबसे हिंसक दिन रहा. इस दिन कम से कम 21 प्रदर्शनकारी और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई.

शनिवार को यूक्रेन की संसद ने राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को हटाने और 25 मई को चुनाव कराने का फ़ैसला लिया.

पुलिस के राष्ट्रपति भवन और अन्य सरकारी इमारतों की सुरक्षा छोड़ देने और प्रदर्शनकारियों के इमारतों में दाखिल होने के बाद संसद में मतदान हुआ. संसद ने नई उच्च स्तरीय नियुक्तियाँ भी की.

दूसरी और राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने कीएफ़ के घटनाक्रम को तख़्तापलट बताते हुए कहा है कि वे प्रदर्शनकारियों के आगे नहीं झुकेंगे.

यानुकोविच ने विपक्ष की कार्रवाई की तुलना 1930 के दशक के जर्मन नाज़ियों से करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के सांसदों को पीटा गया, उन पर पत्थर फेंके गए और उन्हें धमकियाँ दी गईं.

विपक्षी दलों ने इस समय राजधानी कीएफ का प्रभावी नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और विक्टर यानुकोविच रूसी सीमा के नज़दीक स्थित पूर्वी शहर ख़ारकिफ़ पहुँच गए हैं.

इंटरफ़ैक्स समाचार एजेंसी के मुताबिक संसद के स्पीकर ओलेक्सेंडर टर्चयोनोव ने कहा है कि सीमा पुलिस ने यानुकोविच को सीमा पार कर रूस जाने से रोका है और वे इस समय डोनेट्स्क इलाक़े में कहीं हैं.

यूक्रेन में बीते साल नवंबर में राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हुए थे. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 18 फ़रवरी के बाद से प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 88 लोग मारे जा चुके हैं.

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