यूक्रेन के नौसेना प्रमुख रूसी पाले में

  • 3 मार्च 2014
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यूक्रेन के नए नौसेना प्रमुख ने पाला बदल लिया है. अपने पद पर नियुक्ति के चंद घंटों के अंदर ही उन्होंने यूक्रेन का साथ छोड़ दिया है. रियर एडमिरल डेनिस बेरेज़ोवस्की को शनिवार को ही इस पद पर तैनात किया गया था.

डेनिस बेरेज़ोवस्की ने क्रीमिया के सेवस्टोपोल में रूसी सैनिकों से भरे एक कमरे में बयान जारी कर कहा, ''मैं स्वायत्त क्रीमिया गणराज्य के निवासियों के प्रति निष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूं. मैं क्रीमिया के कमांडर-इन-चीफ़ और उनके द्वारा तैनात कमांडरों के आदेशों का कड़ाई से पालन करूंगा.''

यूक्रेन में घटनाक्रम ऐसे समय तेज़ी से बदल रहा है जब रूस के सैनिक स्वायत्त प्रदेश क्रीमिया में अपनी स्थिति मज़बूत कर चुके हैं. क्रीमिया में ही रूस के ब्लैक-सी बेड़े का ठिकाना है.

वहीं क्रीमिया के प्रधानमंत्री सर्गेई अक्सयोनोव ने एक बयान में कहा है, ''मैं सेवस्टोपोल में तैनात यूक्रेन के सभी नौसैनिकों को आदेश देता हूं कि वह अवैधानिक तरीके से नियुक्त किए गए यूक्रेन के रक्षा मंत्री तेन्युख समेत किसी भी ग़ैर-मान्यता प्राप्त अधिकारी या एजेंसी के किसी आदेश को ना मानें.''

'विपत्ति के कगार पर'

यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनिय यात्सेनयुक ने चेताया है कि देश 'विपत्ति के कगार पर' खड़ा है.

क्रीमिया में रूसी सैनिकों की गतिविधियों के जबाव में यूक्रेन ने अपने पूरी फ़ौज को सक्रिय कर दिया है.

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क्रीमिया में यूक्रेन और रूस के सैनिक आमने-सामने हैं. बताया जाता है कि रूस के सैनिकों ने क्रीमिया से लगने वाली यूक्रेन की सीमा पर खंदकें खोद दी है.

अमरीका ने रूस को इस कार्रवाई के लिए अग्रणी औद्योगिक देशों के समूह जी-8 से बाहर करने की चेतावनी दी है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्रीमिया में रूसी सैनिकों की सक्रियता को 'यूक्रेन की सम्प्रभुता का उल्लंघन' बताया है.

जी-8 देशों का अगला सम्मेलन जून में होगा जहां रूस के ख़िलाफ़ अमरीका, फ्रांस और कनाडा के मोर्चे में ब्रिटेन भी शामिल हो गया है.

वहीं अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी का कहना है कि यूक्रेन के प्रति रूस का बर्ताव कोई नई बात नहीं है.

क्रीमिया में रूसी सैनिकों की मौजूदगी के बारे में जॉन कैरी ने अमरीकी टेलीविज़न पर कहा, ''रूस को ये समझने की ज़रूरत है कि ये गंभीर मामला है. अमरीका और अन्य मित्र इसके बारे में बहुत गंभीर हैं. आप 21वीं सदी में इस तरह का बर्ताव नहीं कर सकते हैं.''

जॉन कैरी ने यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई को बेहद आक्रामक हरक़त बताया है.

उन्होंने कहा, ''रूस ने जो आक्रामक तरीका अपनाया है, उससे विश्व में रूस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं और इस बारे में भी सवालिया निशान लग गए हैं कि रूस एक आधुनिक राष्ट्र बनने और जी-8 समूह में शामिल रहने का इच्छुक है भी या नहीं, मुझे लगता है कि रूस क़ारोबार, निवेश, वीज़ा प्रतिबंध के मामले में विश्व समुदाय द्वारा गंभीर प्रतिक्रिया की संभावना को न्यौता दे रहा है.''

जॉन कैरी मंगलवार को यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ का दौरा करने वाले हैं.

यूक्रेन वैसे तो नैटो का सदस्य नहीं है लेकिन उसने भी इस मामले पर आपात बैठक की है. नैटो के महासचिव एंडर्स फॉग रासमुसेन ने मौजूदा संकट के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को यूक्रेन भेजने का सुझाव दिया है.

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