यूक्रेन संकट: कूटनीतिक हल की कोशिशें तेज़

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यूक्रेन में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई हैं. अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ इस बारे में पेरिस में अहम बातचीत करने वाले हैं.

अमरीका चाहता है कि रूस क्राईमिया में स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को आने दे और यूक्रेन से बातचीत करे.

वहीं इस बात की संभावना है कि रूस ये मांग करे कि यूक्रेन की नई सरकार में रूसी भाषी इलाकों के लोगों को ज़्यादा प्रतिनिधित्व दिया जाए.

यूक्रेन के अंतरिम विदेशी मंत्री आंद्री देशकित्स्या ने कहा है कि उनका देश रूस से शांतिपूर्ण संबंध चाहता है.

उन्होंने फ़्रांस के विदेश मंत्री लॉरें फ़ेबिया से मुलाकात के बाद कहा, "हम रूस के लोगों से अच्छे संबंध चाहते हैं."

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस "यूक्रेन में रक्तपात" नहीं होने देगा और रूस समर्थक नागरिकों की हमलों से रक्षा करेगा.

उन्होंने ये भी कहा कि ये यूक्रेन और क्राईमिया के लोगों पर निर्भर करता है कि वो अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी चाहते हैं या नहीं.

उनका कहना है कि क्राईमिया में अभी रूस के सैनिक तैनात नहीं हैं और रूस के पास वहां मौजूद "आत्मरक्षा बलों" को हटाने की शक्तियां नहीं हैं.

लावरोव ये भी दावा किया कि रूस के ब्लैक सी बेड़े के सैनिक अपनी जगह पर ही हैं. उन्होंने ये ज़रूर माना कि रूस ने अपने नौसैनिक अड्डे की सुरक्षा कड़ी करने के लिए "अतिरिक्त कदम" उठाए हैं.

पेरिस में मुलाकात

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लावरोव अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी और यूरोपीय संघ के अन्य नेताओं से लेबनान को लेकर होने वाली एक बैठक के दौरान मिलेंगे. ब्रसेल्स में भी नेटो और रूस की समांतर बातचीत होनी है.

बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता ब्रिजेट केंडल का कहना है कि पेरिस में होने वाली मुलाकात को यूक्रेन के बारे में वार्ता के लिए माहौल परखने के एक मौके के तौर पर देखा जा रहा है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने मंगलवार को यूक्रेन के अपने दौरे पर रूस के "आक्रमण" की निंदा की और यूक्रेन की अंतरिम सरकार के "संयम" की तारीफ़ की.

मॉस्को चाहता है कि यूक्रेन 21 फ़रवरी के समझौते पर अमल करे, ये समझौता तब के यूक्रेनियाई राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच और विपक्षी नेताओं में हुआ था. इस समझौते में संवैधानिक सुधारों की बात कही गई है ताकि यूक्रेन के सभी क्षेत्रों के हितों को शामिल किया जा सके. इससे रूसी बोलने वाले पूर्वी यूक्रेन के इलाकों को ज़्यादा दबदबा और क़ानूनी अधिकार हासिल होंगे.

रूस ने यूक्रेन में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन की कड़े शब्दों में निंदा की है, यूक्रेन में कई महीनों तक चले आंदोलन और 90 लोगों की मौत के बाद रूस के मित्र समझे जाने वाले राष्ट्रपति यानुकोविच को देश छोड़कर जाना पड़ा था.

यानुकोविच के सत्ता से हटने के बाद से ही रूस ने वस्तुतः यूक्रेन के दक्षिणी क्षेत्र क्राईमिया को नियंत्रण में ले रखा है.

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