लापता मलेशियाई विमान में हैं दो यात्री 'संदिग्ध'

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मलेशिया के यातायात मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने बीबीसी को बताया कि लापता विमान में शामिल यात्रियों में से दो को संदिग्ध माना जा रहा है.

हुसैन ने पहले कहा था कि विमान में सवार कम से कम चार लोगों को संदिग्ध माना जा रहा है.

मलेशिया का एक विमान एमएच-370 शनिवार से लापता है. यह विमान क्वालालम्पुर से बीज़िंग जा रहा था. विमान में चालक दल के 12 सदस्यों समेत 239 लोग सवार हैं.

उड़ान भरने के दो घंटे के भीतर लापता हुए मलेशिया एयरलाइंस के विमान की दक्षिण चीन सागर में तलाश जारी है.

विमान को तलाश कर रहा दल विमान में सवार होने वाले यात्रियों के सीसीटीवी फ़ुटेज की भी जाँच कर रहा है.

ऐसा माना जा रहा है कि विमान में सवार दो यात्रियों ने चोरी के पासपोर्ट का प्रयोग किया है.

रडार सिग्नल से ऐसे संकेत के आधार पर यह संभावना भी जताई जा रही है कि यह विमान बीच रास्ते से वापस आने के लिए मुड़ गया हो.

विमान का तलाश कर रहे बचाव दल ने अपनी तलाश का दायरा बढ़ा दिया है.

लापता विमान की तलाश

मलेशियाई सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल ज़ुल्कीफेली मोहम्मद जिन ने बताया कि 40 पोत और 22 विमान उन दो क्षेत्रों को तलाश रहे हैं जहां लापता विमान दुर्घटनागस्त हो सकता है.

एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने यात्रियों के परिवारों से कहा है कि वे बुरी ख़बर के लिए तैयार रहें. प्रवक्ता ने कहा कि तीस घंटे से ज़्यादा वक़्त बीत जाने के बाद भी विमान से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका है.

इसी बीच चीन का एक तटरक्षक जहाज भी दक्षिण चीन सागर में चल रहे खोजी अभियान में शामिल हो गया है. अभी तक विमान का कोई मलबा या सुराग नहीं मिला है.

बीबीसी ने इस बात की पुष्टि की है कि इतालवी और ऑस्ट्रियाई नागरिकों के चोरी हुए पासपोर्ट के ज़रिए दोनों टिकट एक साथ ख़रीदे गए थे. दोनों यात्रियों ने बीज़िंग से यूरोप जाने के लिए आगे के टिकट भी साथ ही ख़रीदे थे.

दोनों ही यात्रियों ने चाइना सदर्न एयरलाइन से टिकट ख़रीदे थे. जिन पासपोर्टों से टिकट ख़रीदे गए थे उन्हें हाल के सालों में थाईलैंड में चुराया गया था.

हुसैन के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ भी जाँच में शामिल हो गई हैं और हर पहलू को खंगाला जा रहा है. अमरीकी संघीय जाँच एजेंसी (एफ़बीआई) भी लापता विमान की खोज में मदद कर रही है.

हुसैन ने बताया, "हमारी अपनी ख़ुफ़िया एजेंसी भी सक्रिय हो गई है और सभी संबंधी देशों के आतंक निरोधी दस्तों को जानकारियाँ दे दी गई हैं. अभी मेरे लिए और संबंधित परिवारों के लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि हम विमान को खोज लें."

इससे पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक से जब विमान के गायब होने के पीछे चरमपंथी मंसूबों के होने के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "हम सभी पहलूओं को देख रहे हैं लेकिन फिलहाल किसी नतीज़े पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी."

रडार डाटा से पता चलता है कि विमान ने मलेशिया की तरफ मुड़ने की कोशिश की होगी.

जनरल ज़िन ने कहा कि मलेशियाई नौसैनिक पोत चीन, सिंगापुर, थाइलैंड, इंडोनेशिया और अमरीका की नौसेनाओं के सहयोग से विमान को तलाशने में जुटे हैं.

तेल की परत

विमान ने शनिवार को क्वालालम्पुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी जिसका स्थानीय समयानुसार दोपहर डेढ़ बजे रडार से सम्पर्क टूट गया था.

माना जा रहा है कि हादसे के बाद ये विमान साउथ चाइना सी में ही कहीं गिरा होगा. लेकिन अभी तक कहीं कोई मलबा नज़र भी नहीं आया है.

हादसा किस वजह से हुआ होगा, इसका भी अभी तक कोई अंदाज़ा नहीं लगाया जा सका है.

कुछ ख़बरों में कहा गया है कि वियतनाम के तट के पास समुद्र के पानी में तेल की परत दिखाई दी है. लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

इस बीच, लापता विमान को खोजने के इरादे से अमरीका का एक ख़ास क़िस्म का जहाज़ वियतनाम के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहा है.

मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज्ज़ाक का कहना है, ''अमरीका अपनी नौसेना के ज़रिये तलाश और राहत तथा बचाव कार्यों में हमारी मदद के लिए राज़ी हुआ है.''

मलेशिया ने भी अपने कई हेलीकॉप्टर और जहाज़ों को इस इस काम में लगा दिया है जो मलेशिया और वियतनाम के बीच समंदर का चप्पा-चप्पा तलाश रहे हैं. कई अन्य देश भी इसमें मदद कर रहे हैं.

'रहस्य'

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एशिया प्रशांत एयरलाइंस संघ के महानिदेशक एंड्रयू हर्डमेन ने इसे एक असामान्य दुर्घटना बताया है.

हर्डमेन का कहना है, ''यह दुर्घटना एक रहस्य बन गई है. विमान से सम्पर्क कट गया और अब कई देश इसकी तलाश में जुटे हैं लेकिन अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि विमान के साथ आख़िर हुआ क्या था.''

वहीं कुछ ख़बरों में कहा गया कि लापता विमान वियतनाम के तट पर दुर्घटना का शिकार हुआ. लेकिन मलेशिया के परिवहन मंत्री का कहना है कि इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.

मलेशिया एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद जौहरी ने बताया, ''विमान में 14 देशों के नागरिक सवार थे. इनमें चीन के 152, मलेशिया के 38, इंडोनेशिया के 12, ऑस्ट्रेलिया के 7, फ्रांस के 3, अमरीका के भी 3, न्यूज़ीलैंड, यूक्रेन और कनाडा के दो-दो तथा इटली-ताइवान-नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रिया के एक-एक यात्री थे.''

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लेकिन यात्रियों की इस सूची में कम से कम दो नाम ऐसे भी मिले हैं जिनके पासपोर्ट थाईलैंड में चोरी हुए थे. इनमें से एक इटली का और दूसरा ऑस्ट्रिया का नागरिक बताया जाता है.

लेकिन ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि लापता हुए विमान में उनका कोई नागरिक सवार नहीं था. मलेशिया एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद जौहरी ने ऑस्ट्रिया के जिस नागरिक का ज़िक्र किया था, उसके बारे में ऑस्ट्रिया का कहना है कि वो व्यक्ति एकदम सुरक्षित है.

यानी विमान हादसे की वजह से साथ ही उसमें सवार लोगों की असली पहचान भी सवालों के घेरे में आ गई है.

वर्ष 2009 में एयर फ्रांस का एक विमान अटलांटिक महासागर पर उड़ान भरते हुए ग़ायब हो गया था. उसकी दु्र्घटना की वजह जानने में तीन साल का वक़्त लग गया था.

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