सिंध में सूखे से 30 बच्चों की मौत, परिवारों का पलायन

कुपोषित बच्चा
Image caption कई गांवों में मरने वाले बच्चों की गिनती ही नहीं हुई

पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के सूखाग्रस्त थार रेगिस्तान इलाके में पाकिस्तान फ़ौज ने आपात राहत दल भेजे हैं जहां स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि कुपोषण की वजह से महज एक महीने में लगभग 30 बच्चों ने दम तोड़ दिया है.

भोजन-पानी की तलाश में हज़ारों परिवार यहां से पलायन कर गए हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने केंद्र सरकार की ओर से पूरी मदद का आश्वासन दिया है.

इससे पहले सिंध के मुख्यमंत्री सैयद क़ायम अली ने आलोचनाओं के बीच राहत और बचाव प्रयासों की समीक्षा के आदेश जारी कर दिये थे.

उन्होंने इलाके में पड़े सूखे को मौजूदा हालत की वजह बताया है.

सरकार की प्राथमिकता

Image caption बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है

सिंध के मुख्यमंत्री सैयद क़ायम अली ने डॉक्टरों का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों की मौत कुपोषण की वजह से हुई है. उनका यह भी कहना है कि जब मां कुपोषित होगी तो बच्चा भी कमज़ोर होगा.

इलाके में 14 मोबाइल डिस्पेंसरी रात-दिन काम कर रही हैं. दवाओं से भरे दो ट्रक पहले ही थार भेजे जा चुके हैं.

इसके अलावा प्रभावित परिवारों को गेहूं की आपूर्ति 25 से बढ़ाकर 50 किलोग्राम कर दी गई है.

सरकार की ओर से केवल अस्पतालों में दम तोड़ने वाले बच्चों की संख्या बताई जा रही है.

लेकिन कई गांवों में मरने वाले बच्चों की गिनती ही नहीं की गई है. प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ सोमवार को थार इलाके का दौरा करने वाले हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार