क्राईमिया में सैनिकों की संख्या न बढ़ाए रूस: अमरीका

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अमरीका ने रूस को चेतावनी दी कि क्राईमिया पर सैन्य कार्रवाई तेज़ करने की दिशा में उठाया गया कोई भी क़दम कूटनीतिक बातचीत के दरवाज़े बंद कर देगा.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से कहा कि क्राईमिया यूक्रेन का हिस्सा है और रूस को यूक्रेन में अपनी सेना नहीं बढ़ानी चाहिए.

इसी बीच अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दुनियाभर के नेताओं के साथ यूक्रेन के संकट पर चर्चा कर रहे हैं.

इससे पहले क्राईमिया में प्रवेश कर रही अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की टीम पर चेतावनी देने के लिए गोलियां चलाई गई थीं. इसके बाद इस टीम को वापस लौटना पड़ा था.

यूरोप के द आर्गेनाइजेशन फ़ॉर सिक्योरिटी एण्ड कोऑपरेशन (ओएससीई) का कहना है कि अर्मेंस्क में हुई घटना में कोई घायल नहीं हुआ था.

'कूटनीतिक समाधान'

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Image caption यूक्रेन की नौसेना का एक अधिकारी अपने परिवार के साथ

यह तीसरी बार था जब ओएससीई को क्राईमिया में प्रवेश करने से रोका गया, जो अभी रूस समर्थक सैनिकों के नियंत्रण में है.

ओएससीई को यूक्रेन की अंतरिम सरकार ने निमंत्रित किया था, लेकिन क्राईमिया में मौजूद रूसी अलगाववादियों ने कहा कि उनको इस क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.

क्राईमिया प्रायद्वीप में रूस अपनी सैन्य पकड़ और मजबूत कर रहा है. वहीं रूस समर्थक अधिकारी क्राईमिया को रूस में शामिल करने के लिए 16 मार्च को एक जनमत संग्रह कराने की तैयारी कर रहे हैं.

अमरीका के विदेश विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कैरी और लावरोव ने टेलीफ़ोन पर बातचीत की.

अधिकारियों ने बताया, "जॉन कैरी ने साफ़ किया कि क्राईमिया या यूक्रेन के किसी भी हिस्से में मौजूद सेना में बढ़ोत्तरी और उकसावे की कार्रवाई कूटनीतिक समाधान का रास्ता रोक देगी. उन्होंने संयम बरतने का अनुरोध किया."

'कृत्रिम संकट'

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Image caption शानिवार को यूक्रेन में रूस समर्थक 'न्यू क्राईमिया आर्मी' के सैनिक परेड करते हुए.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जोर देकर कहा कि उन्हें रूसी हितों और क्राईमिया में रूसी मूल के लोगों के अधिकारों के संरक्षण का अधिकार है.

इससे पहले रूसी विदेशी मंत्री लावरोव ने कहा कि यूक्रेन का संकट 'विशुद्ध रूप से भू-राजनैतिक कारणों के मद्देनज़र कृत्रिम रूप से निर्मित' किया गया था.

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम (पश्चिम के साथ) बातचीत जारी रखने के पक्ष में हैं, लेकिन यह वार्ता ईमानदार और सहयोगियों की तरह होनी चाहिए, इसमें हमें इस संकट का एक हिस्सा बताने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. इस संकट को हमने नहीं पैदा किया है."

संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, इस सिलसिले में अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, इटली के प्रधानमंत्री मैटो रेंज़ी और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति फ़्रांसुओ ओलांद के साथ बातचीत हुई. व्हाइट हाउस की तरफ़ से यह जानकारी दी गई.

सेना में बढ़ोत्तरी

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया, "नेताओं ने रूस के अंतरराष्ट्रीय क़ानून के स्पष्ट उल्लंघन पर अपनी चिंता दोहराई और यूक्रेन की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना सहयोग जारी रखने का भरोसा दिलाया."

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रूस क्रीमिया में अपनी सैन्य मौजूदगी में बढ़ोत्तरी कर रहा है.

शनिवार को रूस के उप-विदेश मंत्री की यूक्रेन के राजदूत से मॉस्को में होने वाली बातचीत को एक सकारात्मक क़दम के रूप में देखा जा रहा है.

रूस के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा रूस के उप-विदेशमंत्री ग्रिगोरी कार्सिन और यूक्रेन के राजदूत वोल्दोमेर के बीच 'खुले माहौल' में बातचीत हुई.

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