मलेशियाः जारी की गईं तस्वीरें ग़लत हैं

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मलेशिया के परिवहन मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने कहा है कि चीन द्वारा जारी की गईं सैटेलाइट तस्वीरें ग़लत हैं.

इन तस्वीरों में ग़ायब हुए मलेशियाई विमान का संभावित मलबा दिख रहा था.

मलेशियाई मंत्री ने कहा कि ये तस्वीरें ग़लती से जारी हो गईं थीं.

उन्होंने उस अमरीकी ख़बरों का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि विमान शुक्रवार देर रात को लापता हुआ था.

हुसैन ने कहा कि विमान का लापता होना एक अभूतपूर्व घटना है.

क्वालालमपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि क्वालालमपुर में स्थित चीनी दूतावास ने बताया कि चीनी सैटेलाइट की तस्वीरें ग़लती से जारी हो गईं थीं और उसमें एमएच380 का मलबा नहीं दिखा था.

तस्वीरें

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हुसैन ने बताया कि 43 पोत और 40 विमान दक्षिणी चीन सागर और मलक्का की खाड़ी में विमान की खोज में लगे हुए हैं.

इससे पहले चीन की सरकारी वेबसाइट पर मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान के संभावित मलबे की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई थीं.

बीजिंग जा रहा ये विमान बीते शुक्रवार को लापता हो गया था. इसमें 239 लोग सवार थे. कुआलालंपुर से उड़ान भरने के एक घंटे के अंदर ही विमान ग़ायब हो गया था. विमान से कोई आपात सिगनल या संदेश नहीं भेजा गया था.

चीन द्वारा दावा किया गया था कि तस्वीर में चिह्नित तैरते हुए टुकड़े मलेशिया के पूर्व और वियतनाम के दक्षिणी छोर के बीच दक्षिण चीन सागर में हैं.

'जानकारी के बारे मे भ्रम'

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इससे पहले मलेशियाई अधिकारियों ने बताया था कि विमान के साथ आख़िरी बार जब संपर्क हुआ था तब विमान में सब कुछ सामान्य था.

अधिकारियों के मुताबिक़ मलेशियाई एयर कंट्रोल को एक रेडियो संदेश में विमान से ''ऑल राइट, रॉजर दैट'' जवाब मिला था. लेकिन कुछ मिनटों के बाद ही विमान के साथ संपर्क टूट गया.

चीन के विदेश मंत्रालय ने शिक़ायत की है कि विमान के फ्लाइट पाथ यानी रास्ते के बारे में जारी जानकारी पर 'बहुत ज़्यादा भ्रम' है.

बीजिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता छिन गांग ने पत्रकारों को बताया, "हमारे लिए यह तय करना बहुत मुश्किल है कि दी गई जानकारी सही है या नहीं."

खोज का दायरा बढ़ा

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इससे पहले बुधवार को मलेशिया के वायु सेनाध्यक्ष रोज़ाली दाउद ने स्थानीय मीडिया में उनके हवाले से दिए गए बयान से इंकार किया था.

इसमें कहा गया था कि सेना के रडार के मुताबिक़ विमान के मलक्का की खाड़ी के ऊपर होने का पता चला था. यह विमान के तयशुदा रास्ते से काफ़ी दूर पश्चिम में था.

जनरल दाउद ने कहा कि ''उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था'' लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना ने विमान के रास्ता बदलने की संभावना से इंकार नहीं किया है.

लापता विमान की शुरुआती खोज मलेशिया और वियतनाम के बीच की जल सीमा तक ही केंद्रित थी लेकिन बाद में उसका दायरा बढ़ा दिया गया है.

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