'गायब विमान का पहला 'भरोसेमंद सुराग' मिला'

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मलेशिया के परिवहन मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया सरकार के सुझाए सुराग को 'भरोसेमंद सुराग' कहा है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस मलबे का गायब विमान से कोई संबंध है या नहीं.

मलेशिया के मंत्री ने बताया कि चीन गायब विमान को खोजने के लिए 21 सैटेलाइटों की मदद ले रहा है.

मलेशिया के पड़ोसी देश कम्बोडिया, लाओस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम भी विमान खोजने में सहायता कर रहे हैं.

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने कहा था कि दो ऐसी वस्तुएं देखी गई हैं जो लापता मलेशियाई विमान का हिस्सा हो सकती हैं.

गत आठ मार्च को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा विमान एमएच 370 लापता हो गया था. विमान में पांच भारतीय समेत 239 लोग सवार थे.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने संसद में कहा कि सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में इन वस्तुओं की पहचान की गई है. उन्होंने कहा कि ओरियन विमान को उस इलाक़े में भेजा गया है.

संभावित मलबा

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Image caption ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अबॉट का कहना है कि मलबे के देखे गए हिस्से को खोज पाना मुश्किल है.

ऑस्ट्रेलिया के सामुद्रिक सुरक्षा प्राधिकरण के प्रवक्ता जॉन यंग ने कहा है कि देश की पश्चिमी समुद्री तट से 2500 किमी दूर दक्षिणी हिन्द महासागर में दो वस्तुओं को देखा गया है.

लेकिन उन्होंने कहा कि इस मलबे तक पहुँचना कठिन है और संभव है कि इसका लापता विमान से कोई लेना देना न हो.

उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया का एक टोही विमान उस इलाक़े के पास पहुँच गया है और अगले कुछ घंटों में कुछ और विमान वहाँ पहुँच जाएंगे. साथ ही ऑस्ट्रेलिया के जहाज़ भी वहाँ के लिए रवाना हो चुके हैं.

मलेशियाई एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच370 का उड़ान के दौरान संपर्क टूट गया था.

इस लापता विमान की खोज में दुनिया भर के क़रीब 26 देश जुटे हुए हैं.

एबट ने कहा, ''ऑस्ट्रेलियाई समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण को इन वस्तुओं के बारे में सूचना सैटेलाइट तस्वीरों से हासिल हुई है.''

उन्होंने कहा, ''विशेषज्ञों द्वारा इस सैटेलाइट तस्वीर की जांच के बाद दो वस्तुओं को चिह्नित किया गया है.''

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