यूक्रेन के नौसैनिक अड्डे पर हमला

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रूस समर्थक विद्रोहियों ने पश्चिमी क्राईमिया में मौजूद एक यूक्रेनियाई नौसैनिक ठिकाने पर हमला किया है.

सैकड़ों विद्रोही नोवोफ़ेदोरिवका नौसैनिक ठिकाने में घुस गए. हालांकि इनके पास हथियार नहीं थे. नोवोफ़ेदोरिवका फ़िलहाल रूसी सेनाओं के पूर्ण नियंत्रण में है.

इस बीच रूसी फ़ौजों से घिरे हुए यूक्रेनियन सैनिकों को बेलबेक एयरबेस के लिए लड़ने के आदेश दिए गए हैं.

स्नाइपर और बख़्तरबंद गाड़ियों से लैस रूसी फ़ौजें आगे बढ़ आई हैं और समर्पण के लिए उनका दिया अल्टीमेटम भी ख़त्म हो गया है.

बेलबेक बेस के कमांडर ने बताया है कि कुछ दर्जन सैनिक अभी भी वहां मौजूद हैं जो हमला किए जाने पर हवाई फ़ायरिंग कर सकते हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि वह कीएफ़ की तरफ़ से अगले आदेश की कई दिनों से प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है.

उधर, यूक्रेन के सेना प्रमुख ने इससे इनकार किया है और कहा है कि क्राईमिया में हर यूनिट को साफ़ साफ़ आदेश जारी किए गए हैं और बताया गया है कि अगर उन पर हमला होता है तो वो क्या करें.

'क्राईमिया न आएं'

उधर मॉस्को ने यूरोपीय संघ की ओर से रूस के शीर्ष अधिकारियों के ख़िलाफ़ और आगे प्रतिबंध लगाए जाने को 'वास्तविकता से परे' कहा है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रसेल्स की ओर से प्रतिबंधित सूची में नामों की संख्या 21 से बढ़ाकर 33 किए जाने के बाद रूस को हक़ है कि वह इसके बारे में 'उचित प्रतिक्रिया' जताए.

सूची में जिनके नाम हैं, उनकी संपत्ति ज़ब्त करने और यात्रा पर पाबंदी लगाने जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं. इस सूची में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी शामिल है.

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इस बीच यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती कर दी गई है.

रूस की ओर से आपत्ति वापस ले लिए जाने के बाद ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर सिक्योरिटी एंड कोऑपरेशन इन यूरोप (ओएससीई) की सुझाव टीम यहां कई इलाक़ों का दौरा करेगी. इसमें तनावग्रस्त दक्षिण-पूर्वी इलाक़ा भी शामिल है.

हालांकि, 100-स्ट्रांग ओएससीई मिशन के क्राईमिया जाने की संभावना नहीं है.

रूस का तर्क है कि क्राईमिया अब रूस का हिस्सा है और यहां के लोग नहीं चाहते कि मिशन वहां आए.

क्राईमिया में रूस समर्थित बल यूक्रेनी जहाज़ और सैन्य अड्डों को अपने क़ब्ज़े में ले रहे हैं.

क्राईमिया के नए अधिकारियों ने यूक्रेन की सेना में नौकरी करने वाले सिपाहियों को रूसी फ़ौज में शामिल होने का न्यौता दिया है.

'दुखद गतिविधि'

शुक्रवार को यूरोपीय संघ ने उप-राष्ट्रपति दमित्री रोगोजिन, स्टेट डयूमा प्रवक्ता सर्गेई नरिश्किन, क्रेमलिन राजनीतिक रणनीतिकार वलादिसलव सरकोव और पुतिन के प्रमुख यूक्रेन सलाहकार सर्गेई ग्लेज़िएव सहित रूस के 12 लोगों के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की घोषणा की है.

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ये चारों अधिकारी क्राईमिया संकट में उनकी भूमिका के लिए पहले से अमरीकी प्रतिबंध का सामना कर रहे हैं.

शनिवार को रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रतिबंध लगाने का यूरोपीय संघ का फ़ैसला बेहद दुखद और वास्तविकता से दूर है.

राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में अपनी गतिविधि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के हंगामे और प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद शुक्रवार को क्राईमिया को रूस में औपचारिक तौर पर शामिल करने वाले एक क़ानून पर हस्ताक्षर किए.

ओएससीई में यूरोप और उत्तरी अमरीका के देशों से 57 सदस्य हैं. ओएससीई शुक्रवार शाम को पर्यवेक्षकों को भेजने से संबंधित एक समझौते पर पहुंचा.

वियना स्थित समूह का कहना है कि आरंभिक तौर पर 100 नागरिक प्रेक्षकों की यूक्रेन के नौ क्षेत्रों में छह महीने के लिए तैनाती होगी. अगर ज़रूरत पड़ी, तो 400 अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है.

वाशिंगटन ने तर्क रखने की कोशिश की कि इस मिशन को क्राईमिया और यूक्रेन के दूसरे हिस्सों में काम करने का जनादेश मिला है.

शनिवार को रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, "मिशन को मिले जनादेश से नई राजनीतिक व्यवस्था और क़ानूनी असलियत ज़ाहिर होती है."

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