काबुल हमले में 'पाकिस्तानी कड़ी' की ओर इशारा

  • 24 मार्च 2014

अफगानिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि पिछले हफ्ते काबुल में एक होटल पर हुए चरमपंथी हमलों की योजना विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने बनाई थी.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि बयान में 'अप्रत्यक्ष रूप से इशारा पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई' की ओर था.

इस हमले में नौ लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में समाचार एजेंसी एएफपी के एक पत्रकार भी शामिल थे.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक राष्ट्रीय हामिद करज़ई की अध्यक्षता वाली अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने ये भी आरोप लगाया है कि गुरुवार की रात सेरेना होटल की छापेमारी से ठीक पहले पाकिस्तान के एक राजनयिक वहां देखे गए थे.

अफ़ग़ानिस्तान में पूर्ववर्ती तालिबान शासन का पाकिस्तान प्रमुख समर्थक था. अफ़ग़ान अधिकारी लंबे समय से यहां के चरमपंथियों और पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के बीच प्रगाढ़ संबंधों को लेकर आशंका जताते रहे हैं.

एएफपी के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद यानी एनएससी का कहना है कि होटल पर हुआ हमला दरअसल विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसियों का काम था. अफ़ग़ान अधिकारी विदेशी एजेंसियों का ज़िक्र अक्सर आईएसआई के लिए ही करते हैं.

सेरेना होटल पर हुए ये हमला चार किशोर बंदूकधारियों ने किया था और बाद में तालिबान ने इसकी ज़िम्मेदारी ली थी.

आरोप

सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और आरंभिक जांच से पता चलता है कि इस चरमपंथी हमले को सीधे तौर पर देश के बाहर स्थित विदेशी खुफिया एजेंसियों ने अंजाम दिया था."

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Image caption सेरेना होटल विदेशी यात्रियाों का काफी पसंदीदा होटल है

बयान में आगे कहा गया है कि एक राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय यानी एनडीएस की ओर से मिली एक अन्य सूचना के मुताबिक जब होटल में एक पाकिस्तानी राजनयिक ने अपने स्पोर्ट क्लब में प्रवेश किया तो उन्होंने होटल के गलियारों की वीडियो रिकॉर्डिंग की, जिसका होटल के कर्मचारियों ने विरोध किया था.

एनडीएस अफ़ग़ानिस्तान की प्रमुख ख़ुफ़िया एजेंसी है.

गुरुवार को हुए इस हमले में मारे गए लोगों में एएफपी के पत्रकार, उनकी पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल थे. इसके अलावा एक अफगानी के अलावा चार अन्य विदेशी भी मारे गए थे.

इस हमले में एएफपी के पत्रकार के एक अन्य बेटे को भी गंभीर चोटें आई हैं और अभी भी वो आईसीयू में है.

अफ़ग़ानिस्तान ने ऐसे ही आरोप उस वक़्त भी लगाए थ जब इसी साल जनवरी में काबुल में एक रेस्त्रां पर हमला हुआ था. इस हमले में 21 लोग मारे गए थे जिनमें 13 विदेशी लोग शामिल थे.

समाचार एजेंसी एएफपी का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा आरोप पाकिस्तान के साथ उसके संबंधों को ख़राब कर सकते हैं.

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