तुर्की ने सीरियाई विमान को मार गिराया

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तुर्की के प्रधानमंत्री रेजेप ताईप अर्दोआन ने कहा है कि उनकी सेनाओं ने सीरिया के एक सैनिक विमान को मार गिराया है क्योंकि उसने वायु सीमा का उल्लंघन किया था.

उन्होंने सीरिया को चेतावनी भी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

लेकिन सीरिया ने तुर्की पर खुल्लमखुल्ला आक्रमण करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उस समय विमान सीरिया की ही सीमा में उड़ रहा था.

दरअसल ये घटना उस इलाके में हुई जहां सीरिया के विद्रोहियों और सरकारी सेनाओं के बीच सीमा पर नियंत्रण को लेकर लड़ाई चल रही है.

तुर्की और सीरिया कभी एक दूसरे के सहयोगी थे और उन दोनों की सीमाएं करीब आठ सौ किलोमीटर तक एक साथ लगती हैं.

इस्तांबुल में मौजूद बीबीसी के जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि अक्तूबर 2011 में जब से सीरिया युद्ध चल रहा है तब से तुर्की और सीरिया एक दूसरे के विरोध में हैं और दोनों तरफ से कभी-कभी संघर्ष की स्थिति बन जाती है.

हालांकि कोई भी पक्ष प्रत्यक्ष रूप से खुले तौर पर युद्ध करना नहीं चाहता है.

वायु सेना को बधाई

अपने समर्थकों की एक रैली को संबोधित करते हुए अर्दोआन ने इस कार्रवाई के लिए अपनी वायु सेना को बधाई दी.

उन्होंने कहा, "सीरिया के एक विमान ने हमारी वायु सीमाओं का उल्लंघन किया. हमारे एफ-16 विमानों ने तत्काल कार्रवाई की और इसे मार गिराया. इससे स्पष्ट है कि अगर आप हमारी सीमाओं का उल्लंघन करेंगे तो परिणाम ऐसे ही होंगे."

सीरियाई सेना के सूत्रों ने सरकारी टेलीविजन के हवाले से कहा है कि तुर्की के जहाजों ने सीरियाई जेट को इसलिए मार गिराया क्योंकि इसने सीरिया की सीमा के भीतर विद्रोहियों पर हमला किया था.

Image caption सीमा उल्लंघन को लेकर दोनों देशों की ओर से परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे हैं

वहीं, ब्रिटेन स्थित एक संस्था का कहना है कि इस इलाके से जो शुरुआती खबरें मिली हैं उनसे पता चलता है कि विमान सीमा पर सीरिया की ओर आया था.

पिछले साल सितंबर में तुर्की ने कहा था कि उसने अपनी सीमा के पास सीरिया के एक हेलिकॉप्टर को मार गिराया है.

इसके अलावा जून 2012 में तुर्की के एक लड़ाकू जेट विमान को सीरिया ने भूमध्य सागर के आस-पास मार गिराया था. सीरिया सेनाओं का कहना था कि तुर्की का ये जहाज उनके देश की हवाई सीमा में पहुंच गया था.

इस घटना के बाद तुर्की सरकार ने घोषणा की थी कि उसने सीरिया के साथ अपने सैन्य नियमों में संशोधन किया है और अब सीरिया की ओर से उसकी सीमा में प्रवेश करने वाले जहाज को ख़तरे के तौर पर लेगा.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ पिछले तीन साल से चल रहे आंदोलन के चलते लाखों लोग तुर्की पहुंच रहे हैं.

इस लड़ाई में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है.

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