नेट की आज़ादी के लिए अमरीकी निगरानी ज़रूरी

  • 30 मार्च 2014
बिल क्लिंटन Image copyright Reuters

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का कहना है कि अगर अमरीका वैश्विक नेटवर्क के संपूर्ण निरीक्षक की अपनी भूमिका से पीछे हट गया तो इंटरनेट की आज़ादी प्रभावित होगी.

उन्होंने कहा कि बहुत सी सरकारें निरीक्षण के काम में सिर्फ़ इसलिए मदद करना चाहती हैं ताकि विरोध की आवाज़ों को ख़ामोश किया जा सके.

क्लिंटन ने यह टिप्पणी उनकी धर्मार्थ संस्था क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव द्वारा प्रायोजित एक बहस के दौरान की.

उन्होंने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी की निगरानी के बारे में लगातार हो रहे खुलासों के चलते अमरीका की निगरानीकर्ता के रूप में भूमिका से पीछे हटने की मांग ज़ोर पकड़ रही है.

लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका के लिए यह "सम्मान की बात" है कि उसने लंबे समय तक इंटरनेट को "स्वतंत्र और खुला हुआ " रखा और ऐसी जगह बनाए रखा जहां लोग खुलकर कानून बनाने वालों और राज्य प्रमुखों की आलोचना कर सकते हैं.

क्लिंटन ने कहा, "इंटरनेट आज़ादी से फल-फूल रहा है."

विकिमीडिया प्रमुख चिंतित

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "बहुत से लोग अमरीका से इस अधिकार को लेना चाहते हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य इंटरनेट की आज़ादी को ख़त्म कर इसकी सीमाएं तय करना है. ताकि लोगों के सशक्तिकरण के बजाय सरकारों को सुरक्षित किया जा सके."

मार्च के मध्य में अमरीकी सरकार ने नेट नीति की निगरानी की अपनी शक्तियों को एक अंतर्राष्ट्रीय बहु-साझेदार समूह को सौंपने की इच्छा ज़ाहिर की थी.

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उस समूह के फ़ैसले और क्रियाकलापों का समन्वय आईकैन करेगा. आईकैन इंटरनेट के एड्रेसिंग सिस्टम के प्रबंधन के लिए अमरीका द्वारा 1998 में स्थापित एक संस्था है.

क्लिंटन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप में मैं समझता हूं कि क्यों हमें कथित बहु-साझेदार प्रक्रिया को अपनाना चाहिए. मैं उसका समर्थन करता हूं."

"लेकिन मैं जानता हूं कि बहुत सारे कथित बहु-साझेदार समूह दरअसल सरकारें हैं जो लोगों पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं और इंटरनेट तक पहुंच को सीमित करना चाहते हैं."

क्लिंटन के डर का समर्थन विकिमीडिया फ़ाउंडेशन के प्रमुख जिमी वेल्स ने भी किया.

इस चर्चा में शरीक हुए वेल्स ने कहा कि वह उस वक्त इंटरनेट की स्वतंत्रता को लेकर "चिंतित" होंगे जब अमरीका इसका प्रभारी नहीं रहेगा.

उन्होंने कहा कि वह आईकैन के सक्रिय सदस्य थे और नियमित रूप से उन चर्चाओं में भाग लिया करते थे जो इंटरनेट को "स्थानीय संस्कृति" के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होने को लेकर होती थीं.

लेकिन उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता अक्सर सेंसरशिप के लिए ही एक दूसरा शब्द होती है. और अमरीका की सहभागिता का मतलब यह होगा कि नेट को स्थानीय स्तर पर ज़्यादा लचीला बनाने की मांगों को खारिज किया जा सकता है.

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