रूस को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा: ओबामा

बराक ओबामा इमेज कॉपीरइट Getty

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर उसने यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन करना जारी रखा तो उसे नए प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

ओबामा ने यह भी कहा है कि अमरीका और उसके यूरोपीय साझेदार रूस की अर्थव्यवस्था के तमाम क्षेत्रों पर असर डालने वाले क़दम उठाने के लिए तैयार हैं.

उनका यह भी कहना है कि इन क़दमों की वजह से अमरीका और उसके साझेदारों पर अगर असर पड़ता है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं.

ओबामा ने दो टूक शब्दों में कहा कि रूस ने यूक्रेन में जो कुछ किया है, वो दरअसल उसकी असुरक्षा की भावना को दर्शाता है.

उन्होंने कहा, ''रूस एक क्षेत्रीय ताक़त है. वो अपने कुछ पड़ोसियों को धमका रहा है. वो ऐसा ताक़त की वजह से नहीं बल्कि अपनी कमज़ोरी की वजह से कर रहा है.

'पड़ोसियों पर हम भी असर रखते हैं'

क्राईमिया में रूसी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ''यूक्रेन एक ऐसा ही मुल्क़ है जहां सोवियत यूनियन के विघटन के बाद से दशकों से रूस का बहुत असर है. हम भी अपने पड़ोसियों पर असर रखते हैं लेकिन हमें उनके साथ संबंध मज़बूत करने के लिए उन पर आक्रमण करने की ज़रूरत नहीं पड़ती.''

इमेज कॉपीरइट AFP

यूक्रेन से लगी सीमा पर रूसी सैनिकों की भारी मौजूदगी पर राष्ट्रपति ओबामा ने चिंता जताई और कहा कि क्राईमिया का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है.

उन्होंने कहा, ''ये जो धमकाने की कोशिश प्रतीत होता है, हम उसका विरोध करते हैं. रूस के ये क़ानूनी अधिकार है कि वो अपने सैनिकों को अपनी ज़मीन पर तैनात करे.''

यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के विरोध के में जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल पहले ही कह चुकी हैं कि रूस में जून में होने वाले जी-8 देशों के सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया है.

इसके जबाव में रूस भी कह चुका है कि उसे जी-8 समूह की परवाह नहीं है और रूस को इससे बाहर निकालने पर कोई आफ़त नहीं आ जाएगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार