रूस पर और सख़्त हुए ओबामा

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अमरीका और यूरोपीय संघ का कहना है कि यूक्रेन में यदि आगे भी 'घुसपैठ' जारी रही तो रूस के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं से मुलाक़ात के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ''ऊर्जा पर हमारे प्रयास स्वाभाविक रूप से केंद्रित होंगे'' और ''इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी कुछ असर होगा.''

ओबामा ने कहा कि रूस को ''इस बात का अहसास होगा कि वह बल प्रयोग के ज़रिए सुरक्षा, समृद्धि और दर्जा हासिल नहीं कर सकता है.''

उन्होंने कहा, ''यही वजह है कि इस पूरे संकट के दौरान हम रूस पर अपना सामूहिक दबाव बनाते रहेंगे और कूटनीति के लिए भी दरवाज़े खुले रखेंगे.''

रूसी बलों ने मार्च के शुरुआती दिनों में यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से क्राईमिया को एक विवादित जनमत संग्रह के बाद अपना हिस्सा बना लिया था. तभी से पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव चरम पर है.

एकजुटता पर बल

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष हर्मन वेन और यूरोपीय संघ आयोग के राष्ट्रपति जो मैन्युअल बरोसो ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यूक्रेन के मुद्दे पर सभी को एकजुट रहना चाहिए.

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ओबामा ने कहा, ''दुनिया महफ़ूज़ है, ये तब पहले से अधिक महफ़ूज़ हो जाती है जब यूरोप और अमरीका एक साथ खड़े हो जाते हैं.'' यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष हर्मन वेन ने इसे 'बहुत अहम संबंध' बताया है.

ओबामा ने यूक्रेन मामले में यूरोपीय संघ के प्रयासों की सराहना की जिनमें रूसी अधिकारियों के ख़िलाफ़ वीज़ा प्रतिबंध और उनके वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई गई है.

उन्होंने कहा कि क्राईमिया को अपना हिस्सा बनाने वाले रूस के ख़िलाफ़ और अधिक प्रतिबंधों पर विचार किया जा रहा है.

ओबामा ने कहा, ''हमारा मानना है कि रूस इन प्रतिबंधों का असर महसूस करे, इसका थोड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा.''

ऊर्जा के लिए यूरोपीय संघ के कुछ देशों की रूस पर निर्भरता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके विकल्प के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया है.

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