अब भरोसा दिलाने ओबामा पहुंचेंगे सऊदी अरब

  • 29 मार्च 2014
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चार दिनों की यूरोप की यात्रा खत्म करने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अब मध्य पूर्व के दौरे पर जा रहे हैं.

ओबामा के इस संक्षिप्त दौरे का मकसद खाड़ी देशों के सहयोगियों को उनकी चिंताओं के मद्देनजर आश्वस्त करना है.

ओबामा शुक्रवार को सऊदी अरब पहुंचेंगे. अपने इस संक्षिप्त दौरे में वह एक बैठक में शिरकत करेंगे और दावत में हिस्सा लेंगे.

इस दावत की खास बात ये है कि ये किंग अब्दुल्लाह के रेत के कैंप में है, ओबामा हेलीकॉप्टर के जरिए रियाद से यहां 30 मिनट में पहुंचेंगे.

व्हाइट हाउसके अधिकारियों और मध्यपूर्व के विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी राजपरिवार की मुख्य चिंता ईरान है.

चिंता

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर खाड़ी देश कई बार चिंता जाहिर कर चुके हैं. उनकी चिंता का बिंदु सीरिया में बशर असद के राज को ईरान का समर्थन भी है.

व्हाइट हाउस के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने पिछले हफ्ते ओबामा के खाड़ी दौरे की जानकारी देते हुए चिंता के बिंदुओं को भी चिन्हित किया था.

उन्होंने कहा, ''हमारा समर्थन खाड़ी देशों की सुरक्षा पर है. साथ ही सीरिया के विपक्ष को भी हमारा पूरा समर्थन है. मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया में हम सऊदी अरब के साथ इसे आगे बढ़ाने में लगे हैं. वहीं मध्य पूर्व में ही शांति प्रयासों के लिए हम ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम संबंधी बातचीत कर रहे हैं''

मध्य पूर्व नीतियों संबंधी थिंक टैंक वाशिंगटन इंस्टीट्यूट के फैलो साइमन हेंडरसन कहते हैं कि सऊदी चिंताएं समय के साथ बढ़ी हैं.

ओबामा किंग अब्दुल्लाह के साथ अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायेद से भी मिलेंगे.

ये मुलाकात कुवैत शहर में हुई अरब समिट के कुछ दिनों बाद हो रही है, जहां सीरिया में बंटे हुए विपक्ष के किस धड़े को समर्थन दिया जाए, इस पर मतभेद था. इसे लेकर सऊदी अरब और कतर के बीच तनाव भी नजर आया.

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