हज के लिए आए तीर्थयात्री मुफ़्त इंटरनेट में खोए

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हज के लिए सऊदी अरब की यात्रा करने वाले ईरानी तीर्थयात्री घंटों अपना समय वेब सर्फ़िंग करने में गुज़ार रहे हैं.

ख़बरों में दावा किया गया है कि ऐसा मुफ़्त इंटरनेट सेवा का फ़ायदा उठाने के लिए किया जा रहा है.

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता के कार्यालय ने कहा है कि कुछ लोग तो अपने फ़ोन, टैबलेट्स की स्क्रीन से इस क़दर चिपक गए हैं कि उनके धार्मिक स्थलों की यात्रा के चूक जाने का ख़तरा पैदा हो गया है.

कार्यालय ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "इससे अव्यस्क तीर्थयात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं और तीर्थयात्रियों के लिए हज करने का अमूल्य मौका खोने का खतरा पैदा हो गया है."

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता के कार्यालय ने होटलों की लॉबी में "बेतरह वेब ब्राउजिंग" करती हुए तस्वीरों की एक गैलरी प्रकाशित की है जिसमें ज़्यादातर ईरानी युवा दिख रहे हैं.

इंटरनेट एक्सेस

दरअसल 10 दिन की इस यात्रा में लोगों को निर्बाध रूप से लोकप्रिय वेबसाइटों को देखने का एक दुर्लभ मौका मिलता है.

ईरान में वेबसाइटों को ब्लॉक करना या उनमें पहुंच की कतर-ब्योंत करना आम है. हालांकि सुधारवादी और परंपरावादी दोनों ही सूचना के प्रसार और समर्थकों को जुटाने के लिए वेब का इस्तेमाल करते हैं.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर प्रतिबंध होना चाहिए लेकिन देश के वरिष्ठतम नेता इनका इस्तेमाल करते हैं.

साल 2012 में अंदाज़न 26% ईरानियों के पास इंटरनेट एक्सेस थी. राष्ट्रपति हसन रोहानी की सरकार ने इंटरनेट स्पीड को बढ़ाने और कुछ लोकप्रिय साइटों पर प्रतिबंध ख़त्म करने का वायदा किया है.

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