अफ़ग़ानिस्तान में भारी मतदान से करज़ई गदगद

हामिद करज़ई

अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भारी पैमाने पर हिस्सेदारी के लिए मतदाताओं की सराहना की है.

उन्होंने कहा कि तालिबान की धमकियों के बावजूद लोगों ने उत्साह के साथ मतदान कर देश का मान बढ़ाया है.

वोटिंग के दौरान न सिर्फ़ हिंसक घटनाओं की ख़बर आई बल्कि मौसम ने भी अपने तेवर दिखा लोगों को डराने की कोशिश की.

तालिबान ने चुनाव में बाधा डालने की घोषणा पहले ही कर रखी थी. लेकिन इनका वोटरों के ज़हन पर कोई असर नहीं दिखा, बल्कि देश के कई हिस्सों में मतदान केंद्रों में मतपत्र ख़त्म हो गए और केंद्रों के सामने लोगों की लंबी क़तारें दिखीं.

भारी मतदान

एक बुज़ुर्ग मतदाता ने कहा, "मैं आज वोट देने इसलिए आई हूं क्योंकि मैं चुनाव में हिस्सा लेना चाहती हूं. ये मेरा हक़ है. मैं उम्मीद करती हूं कि सबसे अच्छे उम्मीदवार की जीत होगी और वो देश में अमन और शांति बहाल कर पाएगा और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और कोई ग़रीब नहीं रहेगा."

एक अन्य महिला वोटर का कहना था, "मैं पहली बार मताधिकार का प्रयोग कर रही हूं. मेरा मानना है कि यह सभी लोगों का हक़ है कि वो अपने राष्ट्रपति का चुनाव करें. मैंने उस उम्मीदवार के पक्ष में अपना वोट डाला है जो मेरे मुताबिक़ सबसे बेहतर है."

मतदान ख़त्म होने के बाद एक प्रेस वार्ता में अफ़ग़ानिस्तान के चुनाव आयोग के प्रमुख अहमद यूसुफ नुरूस्तानी ने कहा, "पांच बजे शाम तक अफ़ग़ानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में कुल मिलाकर 70 लाख लोगों ने वोट डाले. ये संख्या एक अनुमान है. हम वोटों की सही तादाद गिनती पूरी होने के बाद ही बता पाएंगे."

अफ़ग़ानिस्तान में कुल एक करोड़ बीस लाख मतदाता हैं. यूसुफ नुरूस्तानी का कहना था कि वोटरों की बड़ी संख्या उन लोगों को एक चेतावनी है जो चुनाव में बाधा पैदा करना चाहते थे.

कौन है दौड़ में

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अफ़ग़ान राष्ट्रपति चुनाव में आठ मुख्य उम्मीदवार हैं. हालांकि इसमें से तीन लोगों को सबसे अधिक पसंदीदा बताया जा रहा है. इनमें पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह और ज़लमे रसूल शामिल हैं.

अगर इस चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को 50 फ़ीसदी वोट हासिल नहीं होते तो फिर सबसे ज़्यादा वोट हासिल करने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर के लिए चुनाव होंगे. ये चुनाव मई में हो सकते हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक संदेश में कहा है कि इस चुनाव से अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र को मज़बूत करने में बहुत मदद मिलेगी.

ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने इसे नागरिकों की बड़ी उपलब्धि बताया है.

हालांकि मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं और रक्षा मंत्रालय ने कुल 16 लोगों की मौत के बारे में बताया. ये भी आरोप लगे कि पुलिस लोगों को मतदान केंद्रों पर जाने से रोकने की कोशिश कर रही थी.

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