मिस्रः राष्ट्रपति चुनावों के लिए सबाही ने पर्चा भरा

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मिश्र के राजनेता हमदीन सबाही ने राष्ट्रपति पद के लिए पर्चा भर दिया है. वे पूर्व सेना प्रमुख अब्दुल फ़तल अल-सीसी को चुनौती देंगे.

वामपंथी सबाही 2012 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे. इस समय वे सीसी के एकमात्र प्रतिद्वंदी हैं.

पिछले साल जुलाई में सत्ताधारी राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को पद से हटाने वाले पूर्व सेना प्रमुख अब्दुल फ़तह अल-सीसी ने पिछले महीने स्पष्ट किया था कि वे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ेंगे.

संवाददाताओं के मुताबिक़ अल-सीसी आसानी से चुनाव जीत सकते हैं.

सबाही के लिए चुनावी अभियान चला रहे लोगों को कहना है कि 31 हज़ार दस्तख़त हासिल करने के बाद सबाही ने शनिवार को अपना पर्चा भर दिया. पर्चा भरने के लिए पच्चीस हज़ार मतदाताओं के दस्तख़त हासिल करने ज़रूरी थे.

कोई और उम्मीदवार नहीं

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Image caption पूर्व सेना प्रमुख को अब तक सिर्फ़ हमदीन सबाही ने ही चुनावी चुनौती दी है.

रविवार को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन बंद हो रहे हैं. अब तक कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आया है.

चुनावों का पहला चरण 26-27 मई को होगा. यदि पहले चुनाव में कोई भी उम्मीदवार पचास फ़ीसदी से अधिक मत प्राप्त नहीं कर सकेगा तो फिर जून में दूसरे चरण का मतदान होगा.

यदि सीसी चुनाव जीतते हैं तो वे मिस्र में सेना की पृष्ठभूमि के राष्ट्रपतियों की क़तार में होंगे. मिस्र में 1950 के बाद से ही सैन्य राष्ट्रपतियों का दौर रहा है. इस क्रम को मोहम्मद मुर्सी ने तोड़ा था.

मानवाधिकार समूहों का कहना है कि सैन्य समर्थित सरकारें मानवाधिकार संगठनों और मीडिया के लिए प्रतकूल रहीं हैं.

पिछले साल जुलाई में मुर्सी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से मिस्र में हुई हिंसा में अब तक एक हज़ार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

मुर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के कई हज़ार समर्थकों को क़ैद कर लिया गया है. सरकार ने मुस्लिम ब्रदरहुड को चरमपंथी संगठन घोषित कर दिया है.

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