नौका दुर्घटना: 'नौका डूब रही थी, कप्तान सो रहे थे'

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दक्षिण कोरिया में पिछले दिनों हादसे का शिकार हुई नौका के गिरफ़्तार कप्तान ने स्वीकार किया है कि नौका को खाली करने का आदेश देने में उनसे देर हुई थी क्योंकि उन्हें डर था कि यात्री डूब कर बह जाएंगे.

शुक्रवार को दो चालक सदस्यों के साथ 69 वर्षीय कप्तान ली जून-सिओक को गिरफ़्तार किया गया था.

दुर्घटना के बाद नौका खाली करने के तुरंत आदेश न देने के लिए उनकी आलोचना हो रही है.

शनिवार को गोताखोरों ने नौका में तीन शव देखने की बात कही थी, लेकिन अभी उन्हें निकाला नहीं जा सका.

हादसे में 29 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 273 लोग अभी भी लापता हैं जबकि 174 यात्रियों को बचा लिया गया है.

राहत और बचाव कार्य चौथे दिन भी जारी रहा, लेकिन मौसम ख़राब होने के कारण इसमें काफ़ी अड़चन आ रही है.

कप्तान पर लापरवाही और सामुद्रिक नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं.

'बह जाने की थी आशंका'

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जांचकर्ता जानने की कोशिश कर रहे हैं कि नौका के तेज़ी से मोड़ लेने के पीछे क्या कारण था और क्या खाली करने का आदेश देने में देरी हुई?

सामने आए वीडियो फुटेज से पता चला है कि नौका के एक तरफ़ झुकने के बावजूद चालक सदस्य यात्रियों को अपनी जगह पर बने रहने को कह रहे थे.

सिवोल नाम की यह नौका उत्तर पश्चिम में सोल बंदरगाह से दक्षिण में जेजू द्वीप की तरफ़ जा रही थी. अधिकारियों का कहना है नाव दो घंटे के अंदर पलटकर डूब गई.

कप्तान ली से पुलिस ने पूछताछ की है. गिरफ़्तारी के बाद वो शनिवार को टेलीविज़न पर दिखाई दिए.

उन्होंने कहा, ''मैं इस दुर्घटना के लिए दक्षिण कोरिया के लोगों और मृतकों के परिजनों से माफ़ी मांगता हूं.''

ली ने कहा, ''मैंने रास्ते के बारे में चालक दल के सदस्यों को निर्देश दिए और बेडरूम में चला गया था और इसके बाद यह घटना घटी.''

उन्होंने कहा, ''लहरें बहुत तेज़ थीं, समंदर के पानी का तापमान काफ़ी नीचे था और मैंने सोचा कि यदि लोग बिना सही समय और जीवन रक्षक जैकेट के नाव से कूदते हैं तो लहरें उन्हें दूर बहा ले जाएंगी और इससे और दिक़्क़त बढ़ेगी.''

'निर्णय में चूक हुई'

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कप्तान ने कहा कि जब नौका पलट रही थी तो उस समय बचाव के लिए भेजी गईं नावें नहीं पहुंचीं थी.

चालक दल के गिरफ़्तार एक अन्य सदस्य शो जून-की ने बताया कि घटना के समय नौका से उनका नियंत्रण खो गया था.

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ''मेरी तरफ़ से भी चूक हुई थी, लेकिन नौका की स्टीयरिंग अपेक्षा से ज़्यादा तेज़ी से मुड़ गई."

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को हासिल दस्तावेज़ों के अनुसार, नौका से आपात संदेश मिलने के पांच मिनट के बाद सामुद्रिक सुरक्षा अधिकारियों ने नौका को पूरी तरह खाली करने के निर्देश दे दिए थे.

लेकिन चालक दल के सदस्यों ने एजेंसी को बताया कि कप्तान को आदेश जारी करने में 30 मिनट लग गए.

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तेज़ी से मुड़ने के कारण नौका ने संतुलन खो दिया और वह एक तरफ़ झुक गई, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि हादसे का कारण किसी चट्टान से टकराना हो सकता है.

नाव में फंसे लोगों से मिले संदेशों और फ़ोन कॉल्स से पता चला है कि तेज़ी से झुकती जा रही नौका के कॉरिडोर में फंसे लोग निकलने में असमर्थ थे.

अधिकारियों का कहना है कि नौका में हवा भरी जा रही है ताकि अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को मदद पहुंचाई जा सके और नौका को ऊपर लाया जा सके.

तैरते शव दिखे

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दक्षिण कोरिया के तटरक्षक बल ने शनिवार को बताया कि गोताखोरों ने नौका की खिड़की से चौथे तल पर तीन शव तैरते देखे थे.

लेकिन, इन शवों को बाहर नहीं निकाला जा सका क्योंकि इसके लिए ज़्यादा समय की ज़रूरत थी.

तट रक्षक बल के उप निदेशक शोई सांग-ह्वान का कहना है कि डूबी हुई नौका के चारों ओर जाली लगा दी गई है ताकि और कोई शव बहकर दूर न जा पाए.

सोल के बाहरी इलाक़े में स्थित डैनवोन हाई स्कूल के 350 छात्र इस नौका पर सवार थे और जेजू द्वीप पर एक रिसॉर्ट की तरफ जा रहे थे.

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