यूक्रेन संकट: अमरीका ने रूस पर बढ़ाया दबाव

यूक्रेन संकट इमेज कॉपीरइट AP

अमरीका ने रूस के ख़िलाफ़ अपना रुख़ कड़ा करते हुए यह धमकी दी है कि अगर वह यूक्रेन के तनाव को कम करने के लिए नए अंतरराष्ट्रीय समझौते का पालन करने में विफल रहता है तो उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

रूस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि व्हाइट हाउस अब मॉस्को के साथ वैसे व्यवहार कर रहा है जैसे कि ग़लती करने वाले स्कूली बच्चों की तरह पेश आया जाता है.

इस बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा है कि देश के पूर्वी हिस्से में चलाए जा रहे 'आतंकवाद निरोधक अभियान' को ईस्टर के दौरान स्थगित किया जाएगा.

यूक्रेन के कई शहरों में रूस समर्थक अलगाववादी इमारतों को खाली करने से मना कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय समझौते में सरकारी परिसरों से कब्ज़ा हटाने की बात कही गई है.

रूस, यूक्रेन, यूरोपीय संघ और अमरीका ने जिनेवा में वार्ता के दौरान इस बात पर सहमति जताई थी कि यूक्रेन में अवैध सैन्य गुटों को ज़रूर भंग कर दिया जाना जाहिए. साथ ही सरकारी परिसरों के कब्ज़े को हटा दिया जाना चाहिए.

माफ़ी

सभी पक्षों ने यह फ़ैसला लिया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को माफ़ी दे दी जाएगी.

लेकिन दोनेत्स्क शहर में अलगाववादियों के प्रवक्ता ने कहा कि कीएफ़ सरकार "अवैध" है और जब तक यह सत्ता नहीं छोड़ती तब तक उन्होंने यह जगह न छोड़ने की क़सम खाई है.

इमेज कॉपीरइट AP

प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यूरोपीय संघ के समर्थक प्रदर्शनकारियों को पहले कीएफ़ के मैदान चौक से हटना होगा जिनके आंदोलन के कारण रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को गद्दी छोड़नी पड़ी थी.

अब व्हाइट हाउस रूस पर अपना दबाव बढ़ा रहा है कि वह पूर्वी यूक्रेन के नौ शहरों और कस्बों की इमारतों पर अलगाववादियों के कब्ज़े को कम करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.

शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसैन राइस ने यह चेतावनी दी है कि अगर मॉस्को इस समझौते पर अमल करने में विफल रहता है तो उन क्षेत्रों में प्रतिबंधों के एक नए दौर पर ज़ोर दिया जाएगा जिन्हें वह "रूसी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम" मानती हैं.

रूस का प्रभाव

उन्होंने वॉशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम मानते हैं कि पूर्वी यूक्रेन में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों पर रूस का काफ़ी प्रभाव है."

इमेज कॉपीरइट AFP

उन्होंने कहा, "रूस ने जिनेवा में गुरुवार को जिस तरह की प्रतिबद्धता जताई अगर वह उसके अनुरूप कार्रवाई नहीं करता तो हम और हमारे यूरोपीय साझीदार रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं."

उन्होंने कहा कि अमरीका ने रूसी नेतृत्व के क़रीबी सहयोगियों की पहचान की है जो नए प्रतिबंधों के लिए संभावित लक्ष्य हो सकते हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने शुक्रवार को टेलीफोन पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात की.

अमरीका के विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी कहा कि कैरी ने यह स्पष्ट कर दिया कि "बयान के प्रावधानों को लागू करने के लिए अगले कुछ दिन सभी पक्षों के लिए एक निर्णायक वक़्त साबित हो सकता है."

नाराज़गी

हालांकि, अमरीकी सरकार ने वॉशिंगटन पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है जिसमें पोलैंड के रक्षा मंत्री के हवाले से यह कहा गया है कि अमरीका यूक्रेन संकट के जवाब में पोलैंड में अमरीकी बलों की तैनाती की घोषणा जल्द करेगा.

इमेज कॉपीरइट AP

पेंटागन ने कहा कि अमरीका यूरोप में हवाई, समुद्री और ज़मीनी स्तर की तैयारियों जैसे अतिरिक्त उपायों पर विचार कर रहा है लेकिन इस समय हमारे पास किसी भी तरह की घोषणा के लिए कुछ नहीं है.

राइस ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनेतस्क में यहूदियों को भेजे गए नोटिस के ख़िलाफ़ अपनी नाराज़गी व्यक्त की है और यह मांग की है कि वे ख़ुद को यहूदी के रूप में पेश करें.

रूस ने अधिक प्रतिबंध लगाने की अमरीका की धमकी पर जवाब देते हुए कहा है कि वह जिनेवा समझौते के अमेरिकी आकलन से निराश है.

पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, "आप रूस के साथ एक स्कूली बच्चे की तरह पेश नहीं आ सकते जिसे यह दिखाना है कि उसने अपना होमवर्क किया है."

उन्होंने कहा, "ऐसी भाषा अस्वीकार्य है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार