मुस्लिम महिलाओं से ब्रितानी पुलिस की अनोखी अपील

  • 24 अप्रैल 2014
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चरमपंथ पर अंकुश लगाने के लिए ब्रितानी पुलिस मुस्लिम महिलाओं से एक अनोखी अपील कर रही है.

पुलिस की चरमपंथ विरोधी शाखा के अधिकारी मुस्लिम महिलाओं से कह रहे हैं कि सीरिया में जारी लड़ाई में शामिल होने के लिए जा रहे अपने रिश्तेदारों को वो लोग रोकें.

सीरिया में राष्ट्रपति असद की सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे गृह युद्ध में शामिल होने वाले ब्रितानी पुरुषों की हाल में बड़ी संख्या में मृत्यु हुई है.

इसी के मद्देनज़र महिलाओं द्वारा हस्तक्षेप किए जाने को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के अभियान की शुरुआत की गई है.

इस संबंध में अपील के लिए लंदन, बर्मिंघम और मानचेस्टर जैसे शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि सैकड़ों की संख्या में लोग ब्रिटेन से सीरिया पहुंचे हैं, जिनमें से कुछ लौट आए हैं.

पुलिस के अनुसार, इस वर्ष सीरिया से संबंध रखने वाले चालीस लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

सीरियाई संघर्ष

रिपोर्ट के अनुसार सीरियाई युद्ध में कम से कम बीस ब्रितानी नागरिक मारे गए हैं.

फ़रवरी में तीन बच्चों के पिता अब्दुल वहीद मज़ीद सीरियाई युद्ध में पहले ब्रितानी आत्मघाती हमलावर बने थे.

2013 की पहली तिमाही के मुकाबले इस वर्ष सीरिया से संबंधित अपराधों को लेकर ब्रिटेन में हुई गिरफ़्तारियों की संख्या में दोगुने का इजाफ़ा हुआ है.

डिप्टी असिस्टेंट कमिश्नर हेलेन बॉल ने बताया कि वो नौजवान लोगों को सीरिया जाने से रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के साथ एक बहस शुरू करना चाहती थीं.

हालांकि आलोचकों का कहना है कि ब्रितानी मुस्लिम समुदाय में पुलिस के प्रति विश्वास में कमी होने की वजह से यह संदेश कितना प्रभावी होगा, कहा नहीं जा सकता.

चरमपंथ के अध्ययन को लेकर बने एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र से जुड़ीं शिराज़ मेहर ने बीबीसी को बताया कि इस तरह के अभियान को शुरू करने में, पुलिस के माध्यम का चुनाव सही नहीं है.

उन्होंने कहा, ''यह संदेश स्वयं समुदाय के अंदर से आना चाहिए या सरकार के दूसरे हिस्से से आना चाहिए.''

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