यूक्रेन संकट: रूस पर नए प्रतिबंधों की तैयारी

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पश्चिम देशों के प्रमुख रूस के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि रूस यूक्रेन में संकट को कम करने में नाकाम रहा है जबकि रूस का कहना है कि पश्चिम देश यूक्रेन को 'क़ब्ज़ाना' चाहते हैं.

फ्रांस, जर्मनी, अमरीका, ब्रिटेन और इटली ने रूस पर उस समझौते का सम्मान न करने का आरोप लगाया है जिसमें पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों के साथ बातचीत की बात कही गई थी.

वहीं इससे पहले रूस ने आरोप लगाया कि पश्चिमी जगह यूक्रेन पर 'क़ब्ज़ा' करना चाहता है जबकि अमरीका ने कहा है कि रूस ने पूर्वी यूक्रेन के मामले पर भ्रमित किया है और धोखा दिया है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूस पर पूर्वी यूक्रेन को अस्थिर करने का आरोप भी लगाया है.

रूस को कठोर संदेश देते हुए जॉन केरी ने कहा कि या तो रूस यूक्रेन में तनाव को समाप्त करे या और कठोर प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे.

ज़ुबानी जंग तेज़

इससे पहले रूस ने अमरीका से कहा था कि वह रूस समर्थक लड़ाकों पर यूक्रेनी हमले रुकवाए.

यूक्रेन के रूस समर्थक लड़ाकों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू करने के बाद रूस ने यूक्रेन की सीमा पर नया सैन्य अभियान शुरू किया है. यूक्रेन ने इसकी आलोचना की है.

पूर्वी यूक्रेन में तनाव को लेकर अमरीका और रूस के बीच ज़ुबानी तनातनी बढ़ गई है. केरी का बयान इसी कड़ी में देखा जा रहा है.

केरी ने यूक्रेन के अंतरिम प्रशासन की तारीफ़ करते हुए कहा कि सरकार ने 17 अप्रैल को जिनेवा में हुए समझौते का सम्मान किया है. लेकिन रूस की आलोचना करते हुए केरी ने कहा कि रूस भ्रमित करने, धोखा देने और अस्थिर करने में विश्वास कर रहा है.

जिनेवा समझौता

जिनेवा में हुए समझौते के मुताबिक अवैध हथियारबंद लड़ाके, जिनमें सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा करने वाले समूह भी शामिल हैं, हथियार डाल देंगे और वापस लौट जाएंगे.

केरी ने कहा, "रूस के एक भी अधिकारी ने अलगाववादियों से जिनेवा समझौते का समर्थन करने और हथियार डालकर सरकारी इमारतें खाली करने के लिए नहीं कहा है."

केरी ने कहा कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि रूस पूर्वी यूक्रेन को 'अस्थिर करने' में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और हथियार, धन और लड़ाके उपलब्ध करवा रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि रूस के पास अब स्थिति सुधारने के कम ही मौके हैं और यदि रूस तनाव कम नहीं करता है तो अमरीका और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है.

पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक लड़ाकों ने दर्जनों शहरों की मुख्य इमारतों पर क़ब्ज़ा कर रखा है. यूक्रेन के सैन्यबलों ने कार्यवाहक राष्ट्रपति ओलेक्सेंडर तुर्चिनोफ़ के आदेश पर इन लड़ाकों के ख़िलाफ़ अभियान चला रखा है.

गुरुवार को यूक्रेन की सरकार ने दक्षिण पूर्वी शहर मारियुपोल के केंद्रीय हॉल पर नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया था लेकिन शहर में मौजूद बीबीसी की टीम को इसका कोई सबूत नज़र नहीं आया.

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हिंसा

शुक्रवार को तटीय शहर ओदेस्सा से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक एक जाँच चौकी पर हुए धमाके में कम से कम सात लोग घायल हो गए.

गुरुवार को स्लोवियांस्क में यूक्रेन के सैन्य बलों की कार्रवाई में दो रूस समर्थक लड़ाके मारे गए.

इन रिपोर्टों के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इसके गंभीर परिणाम होने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था, "यदि यूक्रेन ने अपने नागरिकों के ख़िलाफ़ ही सेना का इस्तेमाल शुरू कर दिया है तो यह अपने लोगों के ख़िलाफ़ एक बेहद गंभीर अपराध है."

रूस ने यूक्रेन की सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है और इस समय कई हज़ार रूसी सैनिक यूक्रेन की सीमा पर मौजूद हैं.

एक रूसी टीवी ने संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत विताली चुर्किन के हवाले से कहा है कि रूस को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत यूक्रेन में शांतिबल भेज देने चाहिए जैसे कि रूस-जॉर्जिया युद्ध के दौरान 2008 में भेजे थे.

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