भारतीय मूल के राजीव सूरी होंगे नोकिया सीईओ

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सॉफ़्टवेयर बनाने वाली अग्रणी कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट को अपना मोबाइल हैंडसेट कारोबार सौंपने वाली कंपनी नोकिया भारतीय मूल के राजीव सूरी को अपना नया सीईओ बना सकती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने फ़िनलैंड के अख़बार हेलसिंगिन सानोमट के हवाले से कहा है कि कंपनी इस संबंध में 29 अप्रैल को अपने आर्थिक परिणाम घोषित करने के अवसर पर नए सीईओ का नाम सार्वजनिक करेगी.

सूरी वर्तमान में नोकिया के टेलीकॉम उपकरण कारोबार के मुखिया हैं.

वो नए सीईओ स्टीफ़ेन इलोप की जगह पद ग्रहण करेंगे. इलोप माइक्रोसॉफ़्ट के उपकरण डिवीज़न के वाइस प्रेसिडेंट का पदभार संभालेंगे.

इलोप 2010 में नोकिया से जुड़े थे और जब माइक्रोसॉफ़्ट के साथ नोकिया के हैंडसेट कारोबार के सौदे की घोषणा हुई तो उन्होंने अपना पद त्याग दिया.

7.2 अरब डॉलर (लगभग 450 अरब रुपये) में हैंडसेट कारोबार बेचने के बाद नोकिया के पास अब टेलीकॉम उपकरण, मैपिंग सेवाएं और आधुनिक तकनीक का कारोबार बचा रह गया है.

नोकिया के फ़ोन का सफ़र

भारतीय मूल के सीईओ

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Image caption माइक्रोसॉफ्ट के नवनियुक्त सीईओ सत्या नाडेल.

माइक्रोसॉफ़्ट के नवनियुक्त मुखिया सत्या नाडेला मंगलौर विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. यहीं से सूरी ने भी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है.

मल्टीनेशनल कंपनियों में भारतीय मूल के सीईओ की सूची में नया नाम सूरी का जुड़ने वाला है.

इस सूची में पेप्सिको कंपनी की चेयरपर्सन इंदिरा नूई, रेकिट बेनकाइज़र के कार्यकारी अधिकारी राकेश कपूर, मास्टर कार्ड के अध्यक्ष और सीईओ जय बंगा और ड्यूशे बैंक के सह सीईओ अंशू जैन का नाम पहले से है.

सूरी ने नोकिया में 1995 में नौकरी शुरू की, लेकिन उनका नाम तब सुर्खि़यों में आया जब अक्तूबर 2009 में वो नोकिया सॉल्यूशन्स एंड नेटवर्क (एनएसएन) के सीईओ बने.

46 वर्षीय राजीव सूरी माइक्रोसॉफ्ट सौदे के बाद नोकिया के सीईओ पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माने जाते रहे हैं.

कंपनी के नेटवर्क डिवीज़न एनएसएन को 2013 तक 11 अरब यूरो (लगभग 923 अरब रुपये) वाले एक विशाल वैश्विक कारोबार में तब्दील करने का श्रेय सूरी को जाता है.

सूरी ने पिछले कुछ सालों में एनएसएन में 25,000 से ज्यादा लोगों की छंटनी की और कंपनी के पुनर्गठन के मार्फत उसकी परिसंपत्ति में भारी इजाफ़ा हुआ.

2011 में बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने इस छंटनी को दुखद लेकिन कंपनी के लाभ और नक़दी में बढोतरी के लिए ज़रूरी बताया था.

दौड़ में आगे

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उनके आधिकारिक प्रोफ़ाइल के अनुसार, 1967 में जन्में सूरी ने मंगलौर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन में बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.

वो ऐसे चंद सीईओ में से एक हैं, जिनके पास प्रबंधन की डिग्री नहीं है. वो फ़िनलैंड के एस्पू में रहते हैं.

अंतरराष्ट्रीय कामकाज में 23 वर्ष से भी ज़्यादा का अनुभव रखने वाले सूरी ने रणनीति, विलय और अधिग्रहण, प्रोडक्ट मार्केटिंग, सेल्स आदि क्षेत्रों में काम करते हुए मध्यपूर्व, एशिया, अफ़्रीका और यूरोप में रहे हैं. उनके परिवार में पत्नी नीना और दो बच्चे हैं.

2007 में उन्होंने एनएसएन के एशिया प्रशांत क्षेत्र के मुखिया का पदभार संभाला.

पिछले साल नोकिया ने जर्मनी की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी सीमेंस की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी 2.2 अरब डॉलर (लगभग 132 अरब रुपए) में ख़रीदी थी, जिसके बाद कंपनी का नाम नोकिया सॉल्यूशन्स एंड नेटवर्क हो गया.

नोकिया के इस शीर्ष पद की दौड़ में कंपनी के वित्तीय मुखिया टिमो ल्हामौटिला भी हैं, लेकिन अनुभव और टेलीकॉम उद्योग में पैठ को देखते हुए सूरी आगे हैं.

उनका भारतीय मूल का होना भी इस दौड़ में उन्हें आगे कर रहा है, क्योंकि भारत 2जी से 3जी और 4जी नेटवर्क के संक्रमण के दौर में है और यहां इस क्षेत्र में सबसे ज़्यादा वृद्धि का अनुमान है.

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