यूक्रेन: रूस समर्थकों का लुहांस्क पर क़ब्ज़ा

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पूर्वी यूक्रेन में कई सरकारी भवनों पर रूस समर्थक हथियाबंद कार्यकर्ताओं ने क़ब्ज़ा कर लिया है.

रूस समर्थक अलगाववादियों की एक बड़ी भीड़ ने पूर्वी यूक्रेन के शहर लुहांस्क के क्षेत्रीय प्रशासनिक मुख्यालय पर धावा बोल दिया.

कुछ दर्जन लोगों ने भवन में जाने के लिए खिड़कियों और दरवाज़ों को तोड़ दिया. रूस के समर्थन में नारे लगा रहे लोगों ने बाद में रूस का झंडा भी लहराया.

इससे पहले, रूस ने कथित रूप से यूक्रेन को अस्थिर करने के अभियुक्त रूसी नागरिकों और कंपनियों पर अमरीका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की.

रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ ने कहा कि यूरोपीय संघ ने सिद्ध कर दिया है कि वो वॉशिंगटन के दबाव में है.

रूस पर और प्रतिबंध लगाने की चेतावनी

प्रतिबंध

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अमरीका के बाद यूरोपीय संघ ने भी रूस के उप प्रधानमंत्री समेत 15 व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

ताज़ा प्रतिबंधों में रूसी सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ और ख़ुफ़िया विभाग के निदेशक को निशाना बनाया गया है.

हालांकि यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में उतने महत्वपूर्ण नाम शामिल नहीं हैं जितने अमरीका की प्रतिबंध सूची में शामिल हैं.

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूरोपीय संघ वॉशिंगटन की भाषा बोल रहा है और उसे ख़ुद पर शर्म आनी चाहिए.

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अमरीका ने सोमवार को राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के क़रीबी रहे सात लोगों और 17 रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था. उधर, जापान ने भी कहा है कि उसने 23 रूसी नागरिकों के वीज़ा आवेदन को अस्वीकार कर दिया है.

फ़हराया रूसी झंडा

मंगलवार दोपहर सैकड़ों लोग स्थानीय सरकार के मुख्यालय के सामने अधिक स्वायत्तता के लिए जनमत संग्रह की मांग को लेकर इकट्ठा हो गए.

डंडों और लोहे की रॉड से लैस लोगों के एक समूह ने एक भवन पर हमला कर दिया. इस भवन पर पुलिस का सुरक्षा घेरा नहीं था.

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इन लोगों ने इस भवन पर लगे यूक्रेन के झंडे को नीचे गिरा दिया और यहां रूस का झंडा लगा दिया. इसके बाद भीड़ के लिए मुख्य दरवाज़ा खोल दिया गया.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक भवन के अंदर भीड़ का सुरक्षाकर्मियों से सामना हुआ लेकिन किसी प्रकार की हिंसा की ख़बर नहीं है.

यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ में गृह मंत्री के सहयोगी स्तानिस्लाव रेशिंस्की ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "स्थानीय नेतृत्व का पुलिस बल पर कोई नियंत्रण नहीं है. स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं किया."

पूर्वी यूक्रेन में रूसी भाषा बोलने वालों की बहुतायत है और फ़रवरी में तख़्तापलट से पहले पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच का यह इलाका गढ़ रहा है.

यूक्रेन की अंतरिम सरकार ने अलगाववादियों की व्यापक स्वायत्तता के लिए जनमत संग्रह की मांग को ख़ारिज कर दिया है.

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