रूस पर अमरीका और यूरोपीय संघ के और प्रतिबंध

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यूक्रेन मामले में मॉस्को की कार्रवाई के विरोध में अमरीका और यूरोपीय संघ ने रूस पर कई और प्रतिबंध लगाए हैं. रूस ने इन प्रतिबंधों की आलोचना की है.

रूसी उप-विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ ने कहा है कि अमरीका और यूरोपीय संघ ने शीतयुद्ध के दौर जैसी पाबंदियां लगाई हैं और इससे रूस के तकनीकी क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

रूस ने ये भी कहा है कि यूरोपीय संघ को रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में इज़ाफ़ा करने के लिए शर्मिंदा होने की ज़रूरत है. रूस ने यूरोपीय संघ पर 'अमरीका के दबाव' में काम करने का आरोप भी लगाया है.

विरोध की आग में जलता यूरोप का एक देश

रूस ने फिर दोहराया है कि उसका यूक्रेन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. यूक्रेन में रूस समर्थकों ने दर्जन भर से अधिक शहरों की इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

वॉशिंगटन के इशारे पर

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रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ ने ऑनलाइन अखबार 'गजेता डॉट रू' को बताया कि ये अमरीकी प्रतिबंध रूस के हाईटेक उद्योग-धंधों के लिए भारी झटका साबित हो सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा, "ये प्रतिबंध साल 1949 में शुरू की गई व्यवस्था को पुनर्जीवित करने जैसा है. इस व्यवस्था के तहत तब पश्चिमी देशों ने रूस और अन्य देशों को की जाने वाली उच्च तकनीकी वस्तुओं की आपूर्ति को बाधित किया था."

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यूरोपीय संघ रूस से ग़ैर-दोस्ताना तरीके से पेश आते हुए अमरीका के इशारों पर काम कर रहा है."

बयान में आगे कहा गया है, "ब्रसेल्स में बैठा कोई व्यक्ति अगर यह सोचता है कि इन प्रतिबंधों को लगाने से यूक्रेन में स्थिरता पैदा होगी तो ये उनकी नादानी है. यह सोच यूक्रेन के अंदरूनी राजनीतिक माहौल के प्रति उनकी समझ में कमी को दर्शाती है. क्या उन्हें ऐसा करने में शर्म नहीं आती?"

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पुतिन के 'करीबी'

अमरीका ने सोमवार को रूस के सात अधिकारियों और 17 कंपनियों पर निशाना साधते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है.

अमरीका का कहना है कि इन अधिकारियों और कंपनियों का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 'क़रीबी लोगों' से सीधा ताल्लुक़ है.

वहीं मंगलवार को यूरोपीय संघ ने ऐसे 15 अधिकारियों के नाम की नई सूची जारी की जिन पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं और उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया गया है.

'गृह-युद्ध की कगार पर खड़ा है यूक्रेन'

यूरोपीय संघ ने रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी 'जीआरयू' के प्रमुख के रूप में पहचान करते हुए सूची में रूसी जनरल स्टॉफ़ प्रमुख जनरल वलेरी गेरासिमोव और लेफ्टिनेंट गर्वनर इगोर सरगुन का नाम शामिल किया है.

इसमें रूसी उप प्रधानमंत्री दमित्रि कोज़क और क्राईमिया तथा यूक्रेन के पूर्वी नगर लुहांस्क और दोनेत्स्क में सक्रिय रूस समर्थित अलगाववादी नेता भी शामिल किए गए हैं.

यूक्रेन पर हमला

ब्रसेल्स में मौजूद बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस ने बताया कि ये सूची राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगियों को निशाने पर लेने की अमरीकी रणनीति का अनुसरण नहीं करती बल्कि इसमें उन लोगों को शामिल किया गया है जो यूक्रेन में घटे घटनाक्रम में ज़मीनी स्तर पर शामिल थे.

पिछले महीने क्राईमिया के रूस में शामिल हो जाने के बाद अमरीका और यूरोपीय संघ ने पहली बार प्रतिबंध लगाते हुए कई वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली और उन पर वीसा प्रतिबंध भी लगाए.

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यूक्रेन संकट: रूस पर नए प्रतिबंधों की तैयारी

अपने साक्षात्कार में रूस के उप-विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ ने जोर देते हुए कहा, "रूस यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में क्राईमिया के तथाकथित हालात को दोहराने की कोई इच्छा नहीं रखता. इसमें भय का कोई कारण नहीं है."

सोमवार को अमरीका ने कहा कि रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोएगू ने अमरीकी रक्षा मंत्री चक हेगल से भी फोन पर कहा था कि 'रूस यूक्रेन पर हमला करने की कोई योजना नहीं बना रहा'.

शोएगू ने घोषणा की थी कि यूक्रेन की सीमा पर सैन्य अभ्यास के बाद रूसी सैनिक अपने 'स्थायी ठिकाने' पर वापस आ चुके हैं.

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