ज़िंदा है "अफ्रीकी चे ग्वेरा" की विरासत

  • 6 मई 2014
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कई नौजवान अफ्रीकियों के लिए 1980 के दशक में आइकन रहे बुर्किना फ़ासो के दिवंगत राष्ट्रपति थॉमस संकैरा हत्या के 27 साल बाद भी विशेष मायने रखते हैं. कुछ अफ्रीकियों के लिए वे "अफ्रीकी चे ग्वेरा" हैं.

उनकी हत्या 38 साल की उम्र में हो गई थी.

चाहे वो तेज़तर्रार दक्षिण अफ्रीकी राजनेता जूलियस मैलेमा का लाल टोपी पहनना हो, या बुर्किना फ़ासो में सड़कों पर प्रदर्शन में झाड़ू चलाना. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उनकी विरासत फिर से जिंदा हो रही है.

सैंकरा के समर्थक उनकी निष्ठा और निस्वार्थता की सराहना करते हैं. सेना के कप्तान और साम्राज्यवाद विरोधी क्रांतिकारी थॉमस संकैरा ने 1983 से 1987 तक बुर्किना फ़ासो का नेतृत्व किया.

क्रांति के प्रतीक

लेकिन कुछ लोग उन्हें मानव अधिकारों के ऊपर अनुशासन को तरजीह देने वाले और तख़्तापलट के माध्यम से सत्ता में आने वाले एक तानाशाह के रूप में देखते हैं.

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संकैरा कपास जैसी स्वदेशी चीज़ों के कट्टर समर्थक रहे हैं, इसके बावजूद अफ्रीका का कपड़ा उद्योग उन्हें आजतक टी-शर्ट आइकन भी नहीं बना पाया.

बुर्किना फ़ासो के पूर्व नेता संकैरा भले ही अर्जेंटीना में जन्मे चे ग्वेरा की तरह क्रांति के प्रतीक ना हों, लेकिन पश्चिमी अफ्रीका में टैक्सी के शीशे पर उनकी तस्वीर वाली स्टीकर आप देख सकते हैं.

स्तंभकार एंडाईल मंग्क्सिटामा बताते है कि दक्षिण अफ्रीका जैसे अफ्रीका के सुदूर इलाके में भी उनका प्रभाव अभी तक महसूस किया जा सकता है.

मंग्क्सिटामा कहते हैं, "दक्षिण अफ्रीका में अगले महीने होने वाले चुनाव थॉमस संकैरा की याद में होंगे. उनका आदर्श वाक्य था - राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल सबकी भलाई के लिए किया जा सकता है और ऐसा होना चाहिए."

जूलियस मैलेमा ने इएफ़एफ़ नाम की पार्टी बनाई है जो दक्षिण अफ्रीका के खनन उद्योग और कृषि क्षेत्र का आंशिक राष्ट्रीयकरण करने के पक्ष में है.

अफ्रीकन नेशनल काँग्रेस से निकाले जाने के बाद मैलेमा ने बेजुबान स्थानीय अफ्रीकन लोगों के नए संगठने के रूप में इस पार्टी का गठन किया है.

पिछले साल बुर्किना फ़ासो में हुए विरोध प्रदर्शन के प्रेरणा स्रोत भी संकैरा थे.

प्रेरणा

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संकैरा सैकड़ों युवाओं को राजनीतिक रूप से प्रेरित करते हैं. 43 वर्षीय संगीतकार सैम्सक ले जैह ने का कहना है कि उन्होंने एक किशोर के रूप में "राजनीतिक शिक्षा" संकैरा के युवा आंदोलन से पाई.

उनका कहना है, "झाड़ू भी संकैरा को श्रद्धांजलि है, संकैरा साप्ताहिक रूप से गली साफ़ करने का कार्यक्रम चलाते थे. अफ्रीकी नेताओं को विनम्रता और जनसेवा के मामले में संकैरा से बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है."

पश्चिम अफ्रीका में संकैरा क्रांतिकारी जोश के लिए विशेष रूप से याद किए जाते हैं.

क़ानून के छात्र डेविड गुआट नौजवान छात्रों से बात करते हुए चेतावनी वाले लहजे में कहते हैं, लेकिन पड़ोसी देश घाना में पूर्व राष्ट्रपति जेरी रॉलिंग्स संकैरा के गहरे दोस्त थे.

रॉलिंग्स के दूसरे तख्तापलट के बाद संकैरा बहुत दिनों तक सत्ता अपने पास नहीं रख पाए.

गुआट कहते हैं, "संकैरा ने बहुत हद तक रॉलिंग्स के विचारों की नकल की. ये दोनों इतने गहरे दोस्त थे कि वे दोनों देशों का एक-दूसरे में विलय करना चाहते थे. "

भले ही संकैरा को चे-ग्वेरा जैसा मुकाम ना हासिल हुआ हो लेकिन संकैरा की विरासत दिन पर दिन बढ़ती जा रही है.

आठ साल पहले जब ऑस्ट्रेलिया की संचार विशेषज्ञ शांता ब्लोमेन को ज़िम्बाब्वे के मानव अधिकार कार्यकर्ता मुन्यारादज़ी ग्वीसाई से बेटा हुआ तो उन्होंने उसका नाम संकैरा रखा.

वह बताती है, "मैंने अफ्रीकी महिलाओं के अधिकार के बारे में संकैरा के विचार पढ़े है. वे समझते थे कि अफ्रीका के बदलाव में महिलाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है. "

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