पाकिस्तान: मानवाधिकार आयोग के अधिकारी की हत्या

राशिद रहमान
Image caption राशिद रहमान को लगातार धमकियाँ मिल रहीं थीं.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिणी शहर मुल्तान में अज्ञात हमलावरों ने मानवाधिकार आयोग के अधिकारी और वकील राशिद रहमान मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी है.

रहमान ईशनिंदा के एक मामले की पैरवी कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक़ स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे कचहरी रोड पर अपने दफ़्तर में बैठे थे तभी दो अज्ञात हमलावरों ने दफ़्तर में घुसकर उन पर फ़ायरिंग कर दी.

समाचार एजेंसी एपी ने पुलिस अधिकारी महमूदुल-हसन के हवाले से बताया है कि फ़ायरिंग में रहमान के दो सहायक भी ज़ख़्मी हुए हैं.

पुलिस के मुताबिक़ हत्या के बाद हमलावर फ़रार हो गए. पुलिस का कहना है कि रहमान को जनवरी में अज्ञात लोगों ने जान से मारने की धमकी भी दी थी.

धमकियां

पिछले महीने बीबीसी से बात करते हुए रहमान ने कहा था कि वो धमकियों के बावजूद मुक़दमे की पैरवी जारी रखेंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करा रही है.

रहमान ने कहा था कि पुलिस या अदालत ने उनकी हिफ़ाज़त के लिए कोई क़दम नहीं उठाया है.

उन्होंने कहा था कि वो तब तक मुक़दमे की पैरवी करते रहेंगे जब तक उनके मुवक्किल मना नहीं कर देते.

इसके बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार आयोग (एचआरएसपी) ने रहमान को दी जाने वाली धमकियों पर चिंता का प्रकट की थी और धमकियाँ देने वाले लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के संवाददाता और रहमान के दोस्त आसिम तनवीर ने मुल्तान से बीबीसी से बातचीत में कहा, "रहमान कल रात क़रीब नौ बजे अपने चेंबर में बैठे हुए थे कि तभी दो लोग मुवक्किल के तौर पर उनसे मिलने आए. वे अपनी पसंद से की गई शादी के मामले में रहमान साहब से पैरवी चाहते थे."

उन्होंने बताया, "इसके बाद वे बाहर चले गए और जब वापस आए तो उन्होंने रहमान पर अंधाधुंध फ़ायरिंग की. पुलिस के मुताबिक़ उन्हें 11 गोलियां लगी. रहमान को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया."

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