छात्राओं को छुड़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे: केरी

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अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी का कहना है कि उनके देश के विशेषज्ञों का एक दल नाइजीरिया में बोको हराम के चरमपंथियों द्वारा अगवा की गई 200 से ज़्यादा लड़कियों की खोज का काम करने को तैयार है.

उन्होंने कहा अमरीकी दल नाइजीरिया की सरकार के साथ मिलकर लड़कियों को छुड़ाने का हरसंभव प्रयास करेगी.

केरी ने कहा, "हमारी टीम नाइजीरिया पहुँच गई है और अब वे राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की सरकार के साथ मिलकर इन लड़कियों को छुड़ाने का हरसंभव प्रयास करेगी. हम बोको हराम से मुक़ाबले के लिए जो भी संभव हो वह करने जा रहे हैं."

कौन है बोको हराम

इससे पहले बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "विशेषज्ञों के दल में सेना, क़ानून और अन्य एजेंसियों के कर्मियों को शामिल किया जाएगा. "

उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अपहरण बोको हरम के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रेरित करेगी. "

निर्णायक मोड़

इस बीच नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने कहा है कि बोको हराम के इस्लामी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ युद्ध "निर्णायक मोड़" में पहुँच चुका है.

अगवा की गई लड़कियों को छुड़ाने के लिए नाइजीरिया सरकार के ढीले रवैये की काफ़ी आलोचना हो चुकी है.

बोको हराम के चरमपंथियों ने बोर्नो राज्य के चिबोक कस्बे में स्थित आवासीय स्कूल से 14 अप्रैल को इन छात्राओं का अपरहण किया था.

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माना जा रहा कि उन्हें पड़ोसी देश कैमरून के नज़दीक चिबोक के घने जंगलों में कहीं बंधक बना कर रखा है.

जोनाथन ने कहा, "मुझे यकीन है कि लड़कियों का अपहरण नाइजीरिया में आतंक के अंत की शुरूआत होगी."

साथ ही उन्होंने चीन, अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से आए मदद के प्रस्ताव के लिए इन देशों को धन्यवाद दिया.

हिंसक हमले

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बोको हराम का अर्थ स्थानीय हौसा भाषा में -पश्चिमी शिक्षा वर्जित- होता है. संगठन ने बोर्नो राज्य में 2009 से हिंसक हमले शुरू किए थे.

इस साल अब तक हुई हिंसा में क़रीब 1200 लोगों की मौत हो गई है.

इस हफ़्ते की शुरूआत में रिलीज़ किए गए एक वीडियो में बोको हराम के नेता अबूबाकर शेकाउ ने धमकी दी है कि छात्राओं को "बेच" दिया जाएगा.

अबूबाकर ने कहा, "उन्हें स्कूल में नहीं होना चाहिए, बल्कि शादी कर लेनी चाहिए थी."

पाकिस्तान में तालिबान के जान लेवा हमले में बचीं स्कूली छात्रा मलाला यूसुफ़ज़ई ने भी कहा है कि छात्राओं के अपहरण के मामले में दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए.

उन्होंने बीबीसी से कहा, ''अगर हम चुप रहे तो इस तरह की घटनाएं बढ़ती जाएंगी.''

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