चीन ने बीजिंग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की

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चीन के विभिन्न इलाकों में परिवहन केंद्रों पर हाल में हुए तीन हमलों के बाद राजधानी बीजिंग में सशस्त्र सुरक्षा बलों की गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने जानकारी दी है कि 'चरमपंथ और गंभीर हिंसा की स्थिति से निपटने के लिए' 150 गाड़ियों को लगाया गया है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ पेट्रोल की ख़रीदारी पर भी सरकार सख़्त नजर रखेगी. पेट्रोल ख़रीदने वालों को पुलिस के पास अपना पंजीकरण करवाना होगा.

चीनः 'चरमपंथ के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई'

कुनमिंग, ऊरुम्क़ी और ग्वांगजो स्टेशन पर हुए हमले के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है. इन हमलों को टिएनमन घटना की बरसी के नजदीक होने के कारण गंभीर माना जा रहा है.

टिएनमन चौराहे पर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की 25वीं वर्षगांठ के तीन हफ्ते बाकी हैं.

पेट्रोल की खरीददारी

समाचार एजेसी शिन्हुआ का कहना है कि सशस्त्र सुरक्षा बलों की टुकड़ियां स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर गश्त लगाएंगी. इन टुकड़ियों में नौ पुलिस अधिकारी और सहायक शामिल होगें.

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शिन्हुआ ने आगे बताया कि ये सशस्त्र सुरक्षा बल 3 किमी के दायरे में तैनात रहेगें और जरूरत पड़ने पर तीन मिनट के अंदर आवश्यक कदम उठाएंगे.

इस बीच, पीपुल्स डेली अखबार ने बताया है कि एहतियात के तौर पर शहर में पेट्रोल खरीदने वाले हर व्यक्ति को अपनी मंशा जाहिर करनी होगी क्योंकि पेट्रोल का इस्तेमाल कर चरमपंथी गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं.

चीन: चाकूओं से हमला, 29 की मौत

तीन स्टेशनों पर हुए हमले के बाद सुरक्षा पर बढ़ी चिंता के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्या प्रबंध किए जा रहे हैं.

अल्पसंख्यक समूह

मार्च में एक समूह ने चीन के दक्षिण पश्चिमी इलाके कूनमींग में रेलवे स्टेशन पर लोगों पर चाकूओं से हमला किया था. इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे. .

चीन के अधिकारियों ने इन दोनों हमलों के लिए शिनजियांग में रहने वाले मुस्लिम उइगुर अल्पसंख्यक समूह के अलगाववादियों को दोषी बताया.

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वैसे ये अब तक साफ नहीं हुआ है कि पिछले हफ्ते गुआनझाऊ रेलवे स्टेशन पर हुए हमले का क्या कारण है. इस हमले में छह लोग जख्मी हुए थे.

इस मामले में एक व्यक्त अभी हिरासत में बताया जा रहा है.

‘राष्ट्रद्रोह विवाद’ पर चीन के वरिष्ठ नेता की छुट्टी

अक्टूबर 2013 में, थियानएनमन चौराहे पर एक बेहद हिंसक घटना में एक तेज गति वाले कार के भीड़ में घुस जाने से पांच लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हो गए थे.

अधिकारियों के मुताबिक इस हिंसक घटना में मारे गए लोगों का संबंध उइगुर अल्पसंख्यक समूह से था.

उइगुर जातीय रूप से तुर्की मुसलमान माने जाते हैं. उइगुर का कहना है कि शिनजियांग में बड़े पैमाने पर 'हान चीनियों' के आप्रवासन से उनकी संस्कृति और परंपरा को भारी नुकसान पहुंचा है. साथ ही ये समूह चीन सरकार पर दमनकारी नियंत्रण का भी आरोप लगाता है.

कार्यकर्ता गिरफ्तार

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साल 2009 में हिंसा की कई छिट-पुट घटनाओं सहित उरूमकी में हुए खूनी जातीय दंगों में करीब 200 लोग मारे गए थे.

चीन में आर्थिक सुधारों की राह मुश्किलः जिनपिंग

इधर चीनी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस इलाके के लोगों की जिंदगी में सुधार लाने के लिए भारी-भरकम निवेश किया है.

सुरक्षा की इस चाक-चौबंद व्यवस्था को इस संदर्भ में भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

गाओ यू सहित कई जाने-माने कार्यकर्ताओं को वर्षगांठ के पहले एहतियातन सरकार हिरासत में भेज रही है.

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