रूस में शामिल होना चाहते हैं यूक्रेनी विद्रोही

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एक यूक्रेनी अलगाववादी नेता ने रूस से दोनेत्स्क को ''रूस में शामिल'' करने की बात कही है.

स्व-घोषित दोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के नेता डेनिस पुशिलिन ने रूस से ''लोगों की मरज़ी'' सुनने को कहा.

वहीं एक अन्य पूर्वी क्षेत्र लुहांस्क में विद्रोहियों ने आज़ादी की घोषणा कर दी है.

रविवार को यूक्रेन के इन दो पूर्वी क्षेत्रों में रूस-समर्थकों ने स्वशासन के लिए जनमत संग्रह करवाए थे.

यूक्रेन, यूरोपीय संघ और अमरीका ने इन जनमत संग्रहों को ग़ैर क़ानूनी घोषित किया है लेकिन रूस का कहना है कि मतदान के नतीजों को ''लागू'' करना चाहिए.

दोनेत्स्क के रूस का हिस्सा बनने की बात पर अब तक रूस ने कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन रूस ने यूक्रेन और चरमपंथियों के बीच बातचीत की अपील की है जिसमें यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन भी शामिल हो.

एक विवादित जनमत संग्रह के बाद यूक्रेन का स्वायत्त क्राइमिया गणराज्य इस साल मार्च में रूस में मिल गया था और यूक्रेन को अब दोनेत्स्क, लुहांस्क और कुछ दक्षिणी इलाकों के बारे में रूस की मंशा को लेकर डर है.

नेटो का मानना है कि यूक्रेनी सीमा के नज़दीक रूस के लगभग 40 हज़ार सुरक्षाबल तैनात हैं हालांकि रूस का कहना है कि वह सैनिकों को वहां से वापस बुला चुका है.

जनमत संग्रह

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Image caption दोनेत्स्क में रविवार को जनमत संग्रह ख़त्म होने के कुछ घंटे बाद आयोजकों ने नतीजे घोषित कर दिए थे.

अलगाववादियों का कहना है कि दोनेत्स्क में 89 प्रतिशत और लुहांस्क में 96 प्रतिशत लोगों ने ''स्व-शासन'' के पक्ष में वोट दिया.

लेकिन यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति ओलेक्सांद्र टुर्चिनोव का कहना था कि मतदान का आंकड़ा विद्रोहियों के 75 प्रतिशत के दावे से बहुत कम था. उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय के मुताबिक लुहांस्क में तथाकथित जनमत संग्रह में लगभग 24 प्रतिशत और दोनेत्स्क में 32 प्रतिशत से कुछ ज़्यादा लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया."

यूक्रेन में 25 मई को राष्ट्रपति चुनाव हो रहे हैं. लेकिन दोनेत्स्क के अलगाववादी नेता डेनिस पुशिलिन का कहना था कि दोनेत्स्क में मतदान नहीं होगा क्योंकि वो अब "स्वतंत्र" है.

पुशिलिन ने ये भी कहा कि वे रूस से सैन्य हस्तक्षेप के लिए नहीं कह रहे लेकिन दोनेत्स्क में शांति सैनिकों की ज़रूरत पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि उनका प्रांत रूसी मुद्रा, रूबल, इस्तेमाल करने लगेगा.

इससे पहले दोनेत्स्क चुनाव आयोग के अध्यक्ष रोमान ल्यागिन ने कहा था कि रूस में शामिल होना ''संभवत: एक उचित कदम होगा".

वहीं लुहांस्क में विद्रोहियों के प्रवक्ता वासिली निकितिन ने कहा कि ''आज़ादी'' के बाद वहां यूक्रेनी राष्ट्रपति चुनाव नहीं होंगे.

विद्रोहियों द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया है, "लुहांस्क क्षेत्र के लोग एक संप्रभू देश की घोषणा करते हैं जिसका नाम है लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक''.

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Image caption यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति टुर्चिनोव ने कहा है कि पूर्वी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत विद्रोहियों के दावों से कम थी.

नए प्रतिबंध

इस बीच यूरोपीय संघ ने कहा है कि वो रूस पर लगे प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा रहा है. इनके तहत दो क्राइमियाई कंपनियों और 13 लोगों की संपत्ति ज़ब्त की गई है और इनके यूरोपीय संघ में यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है.

रूस ने नए प्रतिबंधों की निंदा की है. साथ ही रूस ने ''नागरिकों के ख़िलाफ़ भारी हथियारों के इस्तेमाल कर मतदान में बाधा डालने की कोशिशों'' की भी भर्त्सना की है".

रूसी अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि हिंसा की पुनरावृति हुए बिना जनमत संग्रह के नतीजों को सभ्य तरीके से लागू किया जाएगा. रूस ने यूक्रेन, दोनेत्स्क और लुहांस्क के बीच बातचीत का भी आह्वान किया है.

इन दोनों प्रांतों में कई शहरों ने जनमत संग्रह कराने से इनकार कर दिया था.

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