एयरलाइनों को बेसिक ट्रैकिंग सर्विस की पेशकश

  • 12 मई 2014
इनमारसेट Image copyright Reuters

ब्रितानी सैटेलाइट ऑपरेटर कंपनी इनमारसेट दुनिया की सभी नागरिक एयरलाइनों को बेसिक ट्रैकिंग सर्विस देने की पेशकश करने जा रहा है.

इनमारसेट की पेशकश वैसे वक़्त आ रही है जबकि कुछ ही दिनों पहले मलेशिया एयरलाइंस का एक विमान - एमएच370 - लापता हो गया.

लापता विमान में लगे इनमारसेट उपकरण से थोड़े समय के लिए इलेक्ट्रॉनिक संकेत मिले थे जिससे जाँचकर्ताओं ने हिंद महासागर में विमान के मलबे की खोज की थी लेकिन बाद में वो सिग्नल मिलने बंद हो गए.

इनमारसेट का कहना है कि वह जिस मुफ़्त सेवा की पेशकश कर रहा है उससे विमान की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा.

इससे विमान जीपीएस के सहारे अपनी स्थिति निर्धारित कर सकेगा और अपनी स्थिति, गति और ऊँचाई के बारे में हर 15 मिनट में इनमारसेट के वैश्विक नेटवर्क पर आंकड़े भेजेगा.

इनमारसेट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रिस मैकलाफ़लिन ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "दुनिया के 90 प्रतिशत विमानों पर पहले से ही हमारे उपकरण मौजूद हैं. इसलिए इस सेवा के लिए कंपनियों के कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं करना पड़ेगा."

भारी ख़र्च की वजह से ही कहा जाता है विमान कंपनियां सैटेलाइट ट्रैकिंग स्थापित करने से कतराती हैं.

संगोष्ठी

लंदन से संचालित कंपनी इंटरनेशनल कमर्शियल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (आईसीएओ) के तत्वावधान में कनाडा के मांट्रियल में सोमवार से शुरू हो रही संगोष्ठी से पहले यह पेशकश की गई है.

आईसीएओ और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीओ) एमएच370 के लापता होने के बाद उड़ानों की स्थिति में सुधार करने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं.

कई विश्लेषकों का मानना है कि एमएच370 के बोइंग 777 विमान की सूचना प्रणालियों को जानबूझकर बंद कर दिया गया था और विमान के रडार की रेंज से बाहर जाने से बाद यह गायब हो गया.

एमएच370 के संभावित ठिकाने के बारे में सबूत के तौर पर जाँचकर्ताओं के पास विमान पर लगे इनमारसेट उपकरण और ज़मीनी स्टेशनों के बीच हुए इलेक्ट्रॉनिक संदेश ही मौजूद हैं.

विशेषज्ञों को विमान के संभावित ठिकाने का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरंगों यानी पिंग पर फ्रीक्वेंसी एनालिसिस टेक्नीक का इस्तेमाल करना पड़ा था.

आंकड़े

इनमारसेट समुद्री वाहनों के क्षेत्र में ऐसा कर चुकी है. सभी जहाज़ों से आने वाली आपात कॉल सीधे उसके नेटवर्क को भेजी जाती हैं और यह सेवा मुफ़्त है.

कंपनी को उम्मीद है कि इस सेवा की लागत को वह दूसरी सेवाओं के माध्यम से वसूल लेगी. लाफ़लिन ने कहा, "लेकिन हम बेसिक ट्रैंकिंग सर्विस को मुफ़्त रखेंगे."

एमएच370 जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई कंपनियों कई कंपिनयों ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे हैं.

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