सीआईए ने जासूसी अभियान में टीकाकरण कार्यक्रम का प्रयोग रोका

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अमरीका ने कहा है कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के मद्देनज़र सीआईए अपने जासूसी अभियानों में टीकाकरण कार्यक्रम का प्रयोग करना बंद कर चुका है.

अमरीका के पब्लिक हेल्थ स्कूल को लिखे एक पत्र में अमरीका के राष्ट्रपति कार्यालय के एक कर्मचारी ने कहा है कि सीआईए पिछले साल अगस्त में ही ऐसे कार्यक्रम बंद कर चुका है.

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साल 2011 में ओसामा बिन लादने के मारे जाने से पहले उनकी तलाश के लिए सीआईए ने एक छद्म टीकाकरण अभियान चलाया था.

सीआईए ने यह क़दम पाकिस्तान में चरमपंथियों के पोलियो टीकाकरण कर्मियों पर घातक हमलों के बाद उठाया.

पाकिस्तान में पोलिया एक गंभीर समस्या है. पाकिस्तान के मानव अधिकार कार्यकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों के अनुसार दिसंबर, 2012 से अप्रैल 2014 के बीच 60 पोलियो अभियान में कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की हत्या हो चुकी है.

इनमें से ज़्यादातर घटनाएँ ख़ैबर पख़्तुनख्वा प्रांत में हुई हैं.

पोलियो के मामले

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Image caption अनुमानों के मुताबिक सीआईए ने ओसामा बिन लादेक के गुप्त ठिकाने का पता लगाने के लिए एक जाली टीकाकरण कार्यक्रम का प्रयोग किया था.

जनवरी से अब तक पाकिस्तान में पोलियो के 66 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि पिछले साल केवल आठ मामले सामने आए थे.

बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान ने इस्लामाबाद से जानकारी दी कि पोलिया के ज़्यादातर मामले उत्तरी-पश्चिमी वज़ीरिस्तान के कबाइली इलाक़े में पाए गए हैं.

इस इलाक़े में चरमपंथियों का नियंत्रण है. इन चरमपंथियों का कहना है स्वास्थ्यकर्मियों में अमरीकी जासूसी छिपे हो सकते हैं.

'जिसने ओसामा के घर जाकर ख़ून के नमूने लिए थे'

विश्व स्वास्थ्य संगठन और बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने एक बयान जारी करके कहा है कि वो अमरीका सरकार की इस कार्रवाई का स्वागत करती हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति कार्यालय के आंतरिक सुरक्षा और चरमपंथ निरोध विभाग की अधिकारी लीसा मोनाको ने 16 मई को पत्र में लिखा है कि सीआईए के निदेशक जॉन बर्नान ने एजेंसी को 'टीकाकरण कार्यक्रम का अपने अभियान ' में प्रयोग नहीं करने का आदेश दे चुके हैं.

उन्होंने लिखा है, "एजेंसी ऐसे कार्यक्रमों से मिले आनुवंशिक सूचनाओं या डीएनए के नमूनों को पाने का प्रयास नहीं करेगी."

पूरी दुनिया के लिए एक नीति

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Image caption अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन मई 2011 में अमरीका के विशेष सैन्य बलों के छापे में मारे गए थे.

उन्होंने बताया है कि सीआईए की यह नीति दुनिया के हर देश और सभी अमरीकी या ग़ैर-अमरीकियों पर लागू होगी.

कथित तौर पर घर-घर जाकर हेपेटाइटिस बी का टीका देने के जाली कार्यक्रम के दौरान एकत्रित आनुवांशिक सामाग्री के मदद से सीआईए पाकिस्तान के एबोटाबाद शहर में ओसामा बिन लादेन के गुप्त ठिकाने तक पहुँच पाई थी.

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अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन-लादेन मई 2011 में अमरीका के विशेष सैन्य बलों के छापे में मारे गए थे.

इस जाली टीकाकरण कार्यक्रम को चलाने में सीआईए का सहयोग करने वाले पाकिस्तानी डॉक्टर शकिल अफ़रीदी जेल में हैं.

उन पर चरमपंथियों से सांठगांठ का दोषी ठहराया गया है. लेकिन माना जाता है कि उन्हें सीआईए की मदद करने के लिए सज़ा दी गई है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार डॉ. अफ़रीदी को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियाँ देशद्रोही समझती हैं.

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