चीनः विंडोज़ 8 की सरकारी ख़रीद पर प्रतिबंध

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चीन ने अपने सरकारी कंप्यूटरों में माइक्रोसॉफ़्ट के नवीनतम ऑपरेटिंग सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध ऊर्जा बचाने वाले उत्पादों के संबंध में जारी आदेश को देखते हुए लगाया गया है.

लेकिन सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार विदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर सुरक्षा चिंताओं के चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है.

माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि वह इस कदम से आश्चर्यचकित है लेकिन इसके साथ ही कहा है कि वह चीनी सरकार को अपने सॉफ़्टवेयर के पुराने संस्करण उपलब्ध करवाता रहेगा.

शिन्हुआ के अनुसार चीन को यह कदम उठाने पर इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि माइक्रोसॉफ़्ट ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम एक्सपी के लिए सुरक्षा सहायता देना बंद कर दिया. एक्सपी अब भी चीन में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है.

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है, "स्वाभाविक है कि चीनी सरकार बिना तकनीकी सहायता की गारंटी के ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने के ख़तरों को अनदेखा नहीं कर सकती."

"सरकार विदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कंप्यूटर खरीदने पर फिर से ऐसी ही अजीब स्थिति में फंसने से बचने की दिशा में प्रयास कर रही है."

'स्थानीय ओएस के लिए मौका'

माइक्रोसॉफ़्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के क्रय विभाग ने ऑनलाइन एक नोटिस पोस्ट किया है जिसमें विंडोज़ 8 को सार्वजनिक क्षेत्र के लिए बोली में भाग लेने से मना किया गया है.

प्रवक्ता ने कहा, "इस नोटिस में विंडोज़ 8 को नाम देखकर हम आश्चर्यचकित रह गए."

"माइक्रोसॉफ़्ट केंद्र सरकार के क्रय विभाग और अन्य सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि हमारे उत्पाद और सेवाएं सरकारी ज़रूरतों के हिसाब से उचित रहें."

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Image caption चीन में अब भी आधे डेक्सटॉप विंडोज़ एक्सपी पर ही चलते हैं.

माइक्रोसॉफ़्ट के प्रवक्ता ने कहा, "हम सरकारी ग्राहकों को विंडोज़ 7 उपलब्ध करवाना जारी रखेंगे. इसके साथ ही हम विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ विंडोज़ 8 के मूल्य निर्धारण पर बात करते रहेंगे."

शिन्हुआ की ख़बर के अनुसार यह प्रतिबंध उन सभी डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप्स और टेबलेट पीसी पर लागू होगा, जो केंद्र सरकार के विभाग ख़रीदते हैं.

लेकिन यह प्रतिबंध सिर्फ़ सरकारी कार्यालयों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटरों पर ही लागू हुआ है जबकि निजी कंप्यूटर बाज़ार इससे अछूता ही रहेगा.

शिन्हुआ के अनुसार लाइनेक्स पर चलने वाले स्थानीय ऑपरेटिंग सिस्टमों काइलिन और स्टार्टओएस के लिए यह पैर जमाने का एक मौका हो सकता है.

डाटा फ़र्म कैनेलिस का कहना है, "चीन का सरकारी ख़रीद में विंडोज़ 8 पर प्रतिबंध लगाने के फ़ैसले से माइक्रोसॉफ़्ट के एक्सपी को बदलने की कोशिशों को बड़ा धक्का लगेगा. इस वक्त चीन के डेस्कटॉप बाज़ार में 50 फ़ीसदी एक्सपी ही मौजूद है."

माइक्रोसॉफ़्ट के पूर्व कार्यकारी प्रमुख स्टीव बालमेर ने कथित तौर पर 2011 में कर्मचारियों को बताया था कि पाइरेसी के चलते, कंपनी ने चीन में नीदरलैंड्स से भी कम कमाई की जबकि उसकी मांग अमरीका के बराबर थी.

माइक्रोसॉफ़्ट ने 13 साल पुराने विंडोज़ एक्सपी के लिए तकनीकी सहायता देना पिछले महीने से बंद कर दिया था ताकि उसके नए और ज्यादा सुरक्षित विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम्स को बढ़ावा मिले.

लेकिन इससे एक्सपी के यूज़र्स वाएरस और पाइरेसी के लिए और ज़्यादा आसान शिकार बन गए.

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