किस भाषा में बोलते थे ईसा मसीह?

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इसराइल के प्रधानमंत्री पोप के साथ इस बात पर कथित तौर पर झगड़ चुके हैं कि ईसा मसीह कौन सी भाषा बोल सकते थे?

टॉम डी कास्टेला कहते हैं कि ईसा मसीह जिन स्थानों पर रहे, वहाँ कई भाषाएँ बोली जाती हैं, इसलिए यह सवाल मौजूं है कि वह कौन सी भाषा जानते थे.

बेंजामिन नेतन्याहु और पोप फ्रांसिस के बीच इस मसले पर एक बार तकरार भी हो चुकी है.

नेतन्याहु ने येरूशलम में एक सार्वजनिक बैठक में पोप से कहा था, ''ईसा मसीह यहाँ रहते थे और वे हिब्रू बोलते थे." पोप ने उन्हें टोकते हुए कहा, "अरामीक".

नेतन्याहु ने इस पर जवाब देते हुए कहा, "वे अरामीक बोलते थे, लेकिन हिब्रू जानते थे."

ईसा मसीह से अस्तित्व को बड़े पैमाने पर स्वीकार तो किया जाता है, लेकिन उनके जीवन से जुड़ी घटनाएँ अब तक गर्मागर्म बहस का विषय बनी हुई हैं.

भाषा इतिहासकार इस बात पर प्रकाश डाल सकते हैं कि गैलिली के एक बढ़ई के बेटे से अध्यात्मिक गुरू बने ईसा मसीह कौन सी भाषा जानते थे.

अन्य भाषाएँ

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अरामीक के अवकाशप्राप्त रीडर डॉक्टर सिबेस्टियन ब्रॉक का कहना है, "पोप और इसराइली प्रधानमंत्री दोनों ही सही हैं.'' लेकिन नेतन्याहु को यह स्पष्ट करना ज़रूरी है.

हिब्रू विद्वानों और धर्मग्रंथों की भाषा थी, लेकिन ईसा मसीह की रोजमर्रा की भाषा अरामीक रही होगी."

अधिकतर बाइबिल के विद्वानों का कहना है कि बाइबिल में ईसा मसीह ने अरामीक भाषा में बोला है.

'पैशन ऑफ़ द क्राइस्ट' फ़िल्म में मेल गिब्सन ने भी अरामीक भाषा का ही इस्तेमाल किया है. हालांकि पहली शताब्दी में अरामीक भाषा के सारे शब्द नहीं पाए जा सके.

इसकी पटकथा में कई शब्द बाद की शताब्दियों में इस्तेमाल होने वाली अरामीक भाषा की है.

फ़लस्तीन में बाद तक अरबी भाषा नहीं पहुँची थी, लेकिन ग्रीक और लैटिन ईसा मसीह के वक़्त आम भाषा थी.

ग्रीक भाषा की ज़्यादा संभावना

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Image caption विशेषज्ञों का कहना है कि ईसा मसीह थोड़ी बहुत ग्रीक भाषा जानते रहे होंगे पर इसमें सहज नहीं रहे होंगे

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में क्लासिक्स के व्याख्याता जोनाथन काट्ज़ ने कहा, "इसकी संभावना बहुत कम है कि ईसा मसीह कुछ शब्दों से ज़्यादा लैटिन भाषा का ज्ञान रखते थे."

लैटिन भाषा क़ानून और रोमन सेना की भाषा थी और इसकी कम ही संभावना है कि ईसा मसीह इन शब्दावलियों से परिचित रहे हों.

ग्रीक भाषा की थोड़ी बहुत संभावना हो सकती है. यह रोमन साम्राज्य की भाषा थी, जिसे प्रशासनिक अधिकारी इस्तेमाल करते थे.

काट्ज का कहना है कि जॉर्डन के कई शहरों में ग्रीक भाषा और संस्कृति प्रचलन में थी. इसलिए इसकी संभावना है कि ईसा मसीह थोड़ा बहुत ग्रीक जानते होंगे, लेकिन वह इसमें सहज नहीं रहे होंगे.

ब्रॉक का कहना है कि इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि ईसा मसीह कोई भी भाषा लिख सकते थे. उनका कहना है कि वे लिखने के बजाय रेखांकन का इस्तेमाल करते थे, लेकिन यह भी केवल एक पक्ष है और हम नहीं जानते कि उस समय कौन सी भाषा चलन में थी.

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