चेक गणराज्यः भ्रष्टाचार दर्शन करने आएं

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चेक गणराज्य की राजधानी प्राग के बीचों-बीच स्थित भूलभूलैया वाले फ्रांसिस पार्क में एक अद्भुत समारोह का आयोजन हो रहा है.

समारोह में एक आदमी और एक महिला काली वर्दी में अपने कंधों पर नीले और नारंगी रंग के दुपट्टे रखे नए लोगों के एक दल को अपने संगठन के सर्वोच्च अकादमिक सम्मान देने की तैयारी कर रहे हैं.

पर्यटक और कर्मचारी सुंदर अक्षरों में एक काग़ज़ पर लिखे शब्दों को तिरछी नज़र से देखते हुए अपनी जिज्ञासा को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. काग़ज़ पर लिखे गए शब्दों को कुछ युं हैं, "भ्रष्टाचार प्रशासन में स्नातकोत्तर. "

विश्वास का दुरूपयोग

दुनिया के पहले भ्रष्टाचार एजेंसी के संस्थापक पीटर सॉरेक का कहना है, "भ्रष्टाचार सिर्फ़ पैसे का ग़लत तरह से इस्तेमाल नहीं है. भ्रष्टाचार विश्वास और ताक़त का दुरूपयोग है जो भ्रष्टाचार के पैसों से मिलता है."

कुछ यूरो के ख़र्च में पीटर और उनके साथी आपको भ्रष्टाचार के उन जगहों के एक ऐसे दौरे पर ले जाएंगे जिसने चेक गणराज्य को समाजवादी योजना वाली अर्थव्यवस्था से मुक्त बाज़ार वाली पूंजीवादी व्यवस्था की ओर ले गया.

समलैंगिकों के अधिकारों के लिए...

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Image caption चेक गणराज्य में भ्रष्टाचार कितना बड़ा है? निश्चित रूप से सरकारों को गिराने के लिए काफी बड़ा.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "मैं इसको अपने आज़ादी पर ख़तरे के रूप में देखता हूँ क्योंकि अगर ये माफ़िया अधिक मज़बूत होते हैं तो वे लोगों को डराने-धमकाने में कामयाब होंगे." इन दौरों में आगंतुकों को इसकी झलक मिलती है कि करदाताओं के पैसे की भारी रक़म का क्या हुआ.

वे देखेंगे कि कैसे ये पैसे कुटिल सरकारी कर्मचारियों और ग़ैरक़ानूनी व्यापारियों के जेब में चले जाते हैं. दौरे के अंत में दल के सदस्यों को भ्रष्टचार प्रशासन की एक मज़ाक़िया डिग्री दी जाएगी. पीटर सौरेक भ्रष्टाचार के इस व्यापार से फ़ायदा कमाने में कोई बुराई नहीं देखते.

उनका कहना है, "यह वाक़ई में एक विरोधाभासी बात है कि मैंने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक भ्रष्ट पर्यटन की शुरूआत की है. भ्रष्टाचार पर्यटन एक व्यापार है जो भ्रष्टाचार पर ही आधारित है. हम भ्रष्टाचार को ही नए रूप में दोहरा रहे हैं. "

चेक गणराज्य में भ्रष्टाचार कितना बड़ा है? निश्चित रूप से सरकारों को गिराने के लिए काफ़ी बड़ा.

रैंकिंग

वैश्विक भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने अपने 2013 के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक के अंतर्गत किए गए 177 देशों के सर्वेक्षण में चेक गणराज्य को 57 वें स्थान पर रखा है.

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Image caption पीटर सौरेक भ्रष्टाचार के इस व्यापार से फायदा कमाने में कोई बुराई नहीं देखते.

भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक किसी देश में उस देश के नागरिकों के नज़र में उस देश का सार्वजनिक क्षेत्र कितना भ्रष्ट है, इस पर आधारित होता है.

चेक गणराज्य साल 2012 के रैंकिंग 48 वें स्थान से नीचे गिर गया है लेकिन वे पड़ोसी देश स्लोवाकिया (61वें) से अभी भी आगे हैं और इटली (69वें), बुल्गारिया (77 वें), और ग्रीस (80 वें) की तुलना में काफी बेहतर है.

कैसी लग रही हूं मैं?

2001 से 2007 तक ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की चेक गणराज्य शाखा की अध्यक्ष रही और अब उप-आंतरिक मंत्री एड्रियाना क्रनाकोवा कहती हैं, " यह कम्युनिस्ट अतीत से उभरे कई अन्य देशों की भी समस्या है. "

उनका कहना है, "हम एक नए देश हैं हमारा अस्तित्व महज़ 20 सालों का है और 20 सालों में यह सोचना कि सबकुछ बदल जाएगा बहुत भोलापन होगा. बहुत से प्रतिभाशाली लोगों ने चेक गणराज्य छोड़ दिया और स्लोवाकिया ने 1990 में साथ छोड़ दिया. वास्तव में राजनीति को उन लोगों ने अपने हाथों में ले लिया जिन्हें पार्दर्शिता से कोई मतलब नहीं था. "

लेकिन बहुत सी कहानियाँ ऐसी है जो आशा की किरण जगाती है.

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