उस बच्ची को लगा कृत्रिम दिल, लेकिन....

13 दिन की उम्र में कृत्रिम हृदय प्रतिरोपण कराने वाली वाली तियार्ना मिडल्टन को डॉक्टर बचा नहीं पाए.

ऐसा माना जा रहा था कि तियार्ना विश्व में सबसे छोटी बच्ची हैं, जिसका कृत्रिम हृदय प्रतिरोपण हुआ था.

तियार्ना का जन्म 22 मई को हुआ था लेकिन उसकी दिल की धमनियां विकसित नहीं हो पाईं.

13 दिन की होने के बाद तियार्ना को शरीर में खून पहुँचाने के लिए एक कृतिम हृदय लगाया गया.

ये दिल का मामला है...

पिछले हफ्ते हुए इस ऑपरेशन के बाद कुछ जटिलताओं के चलते सोमवार को तियार्ना की मौत हो गई.

'उम्मीद की जा रही थी'

ब्रिटेन में न्यूकासल के फ्रीमैन अस्पताल के डॉक्टरों ने नौ घंटे के ऑपरेशन के बाद बच्ची के शरीर के बाहर यह उपकरण लगाया था.

ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि जब तक कोई हृदय देने वाला नहीं मिल जाता, ये उपकरण बच्ची को जीवित रखेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

तियार्ना के माता पिता गैरी मिडल्टन और शार्नी ग्रे का कहना है कि वह ऑपरेशन के बाद हर घंटे स्थिति का जायज़ा ले रहे थे.

ग्रे ने फेसबुक पर लिखा, "मेरी छोटी सी राजकुमारी कल रात देवदूत बन गई. उसे जल्दी ही पंख मिल गए और वो अपने दादा के पास चली गई."

इससे पहले कई बच्चे इस तरह के विशेष उपकरणों के सहारे 200 दिन तक जिंदा रहे हैं.

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