इराक़: प्रधानमंत्री को आपात शक्तियां अभी नहीं

कुर्द सेना इमेज कॉपीरइट Reuters

इराक़़ की संसद ने उत्तरी इलाक़ों से सरकार के नियंत्रण खोते जाने के मद्देनज़र प्रधानमंत्री को आपातकालिक शक्तियां देने के आग्रह पर होने वाले मतदान को फिलहाल टाल दिया है.

325 सांसदों में से बस 128 ने प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के अनुरोध पर मतदान के लिए समर्थन जताया.

इससे पहले प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने संसद से आपातकाल की घोषणा करने को कहा था, जिस पर इराक़ की संसद में बहस होनी थी.

दूसरी ओर कुर्द सैनिकों के मुताबिक़ उन्होंने उत्तरी शहर किरकुक को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है.

कुर्द प्रवक्ता जब्बार यावर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "किरकुक पूरी तरह से कुर्द सैनिकों के कब्ज़े में आ गया है. किरकुक में अब एक भी इराक़़ी सैनिक नहीं बचा है."

कुर्द लड़ाकों को इस हफ़्ते क्षेत्र में कब्ज़ा करने वाले सुन्नी मुस्लिम विद्रोहियों के हमले रोकने वाली चारदीवारी माना जाता है.

मोसूल शहर पर कब्ज़े ने पूरे मध्य पूर्व को सदमे में डाल दिया है.

इराक़़: मोसूल और तिकरित पर हमले की निंदा

संसद में बहस

माना जा रहा है कि इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़़ और लेवेंट (आईएसआईएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों की सुदूर दक्षिण में राजधानी बग़दाद और इराक़़ के शिया मुस्लिम बहुल वाले इलाकों में घुसने की योजना है, शिया मुस्लिमों को वे 'काफ़िर' मानते हैं.

कुर्द शासित इरबिल से बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा लगता है विद्रोही नीनवेह प्रांत के सीमावर्ती प्रांतों में इराक़़ी कुर्दों के साथ उलझने से बचना चाहते हैं क्योंकि वे ज़्यादा सशक्त लड़ाके हैं.

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार विद्रोहियों की नई खेप पश्चिम की ओर से आ सकती है, जहां उन्होंने बग़दाद से 69 किलोमीटर की दूरी पर फ़लूजा शहर को अपने नियंत्रण में किया हुआ है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार