इराक़ः शिया धर्मगुरु की हथियार उठाने की अपील

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सुन्नी चरमपंथियों द्वारा शहरों पर कब्ज़ा करते हुए आगे बढ़ते जाने के मद्देनज़र इराक़ के सबसे वरिष्ठ शिया मौलवी ने लोगों से हथियार उठाने की अपील की है.

देश के उत्तरी और पूर्वी भाग में चरमपंथियों की पकड़ मज़बूत होने और दक्षिण की ओर कूच करने की उनकी धमकी के चलते शुक्रवार की नमाज़ के दौरान शीर्ष शिया मौलवी आयतुल्लाह अली अल-सिस्तानी के एक प्रतिनिधि ने यह अपील की है.

बगदाद पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद इस्लामी चरमपंथियों ने इराक़ के दो और शहरों को अपने नियंत्रण में ले कर अपने क़ब्ज़े वाले क्षेत्र का दायरा बढ़ा लिया है.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी यूएनएचसीआर के अनुसार, स्थानीय प्रशासन का अनुमान है कि पिछले कुछ दिनों में तीन लाख से ज़्यादा लोग मोसूल से पलायन कर गए हैं.

इराक़ में विद्रोहियों से भिड़ने के लिए सभी विकल्प खुलेः ओबामा

देश के उत्तरी भाग में मोसूल और तिकरित पर कब्ज़ा करने के बाद सुन्नी इस्लामी चरमपंथी राजधानी बगदाद और ईरान सीमा के पास स्थित दियाला प्रांत में घुस गए हैं.

बढ़ता प्रभाव

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चरमपंथियों ने इस प्रांत में सादिया और जलावला और आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है.

सुरक्षा बल इससे पहले इन शहरों को छोड़कर जा चुके थे.

अमरीका का कहना है कि इराक़ को विद्रोहियों से लड़ने में मदद करने के लिए सैन्य कार्रवाई सहित 'सभी विकल्पों' पर विचार किया जा रहा है.

अमरीका का यह बयान मोसूल और तिकरित शहरों में चरमपंथियों के क़ब्ज़े के बाद आया था, लेकिन इस दिशा में प्रगति धीमी हो गई है.

समर्थन

इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ और लेवेंट (आईएसआईएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों ने सुदूर दक्षिण में राजधानी बग़दाद और इराक़ के शिया मुस्लिम बहुल वाले इलाकों में घुसने की धमकी दी है. शिया मुस्लिमों को वे 'काफ़िर' मानते हैं.

पड़ोसी शिया बहुल मुल्क ईरान ने इराक़ को समर्थन देने का वादा किया है.

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राष्ट्रपति हसन रुहानी ने प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी से वादा किया, "ईरान चरमपंथियों को इराक़ की सुरक्षा और स्थिरता को बाधित करने की अनुमति नहीं देगा."

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अज्ञात सू्त्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने पहले से ही इराक़ी सरकार की मदद करने के लिए अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड के अल कुद्स लड़ाकों की दो बटालियनों को तैनात कर रखा है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि "मैंने किसी भी बात से इनकार नहीं किया हैं, लेकिन ये तय है कि हम इन जिहादियों के पैर स्थायी तौर पर इराक़ या सीरिया में नहीं टिकने देंगे.''

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, ''राष्ट्रपति का आशय हवाई हमलों की संभावना से इनकार नहीं है. हालांकि हम मैदानी फ़ौजों के बारे में विचार नहीं कर रहे.''

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इराक़ के उत्तर में कुर्द फ़ौजें पहले ही तेल के शहर किरकुक पर नियंत्रण कर चुकी हैं. उनका दावा है कि सरकारी फ़ौजें वहां से भाग गई हैं.

कुर्दों का लंबे समय से किरकुक को लेकर बग़दाद से विवाद रहा है. वो उसके अपने स्वायत्तशासी क्षेत्र में होने का दावा करते रहे हैं.

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