'मेरा बेटा जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए'

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इराक़ में अगवा भारतीयों में पंजाब के हरसिमरन प्रीत सिंह भी हैं. हरसिमरन प्रीत की मां हरभजन कौर कहती हैं कि रविवार के बाद से उनका बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

बीबीसी से बातचीत में अमृतसर के स्यालकाह गांव की रहने वाली हरभजन कौर ने बताया उनकी अपने बेटे से आखिरी बार रविवार को बात हुई थी.

उन्होंने कहा, "मैं पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से यही चाहती हूं कि मेरा बेटा जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए. मुझे कुछ और नहीं चाहिए."

इराक़ में अगवा होने वाले पंजाब के मज़दूरों के परिवार का प्रतिनिधिमंडल आज शाम पांच बजे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने वाला है. उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी होंगे.

इस बीच सुषमा स्वराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, "भारतीय नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार की तरफ़ से जो भी संभव होगा, किया जा रहा है और किया जाएगा."

40 भारतीयों का अपहरण

भारत ने इराक़ में चल रहे संघर्ष के दौरान जिन 40 भारतीयों के अपहरण की पुष्टि की है उनमें से एक हैं, अमृतसर के पिंड स्यालका गांव के निवासी जितेंद्र कुमार.

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इराक़ में भारत से कई लोग काम की खोज में जाते हैं. अगवा किए गए जितेंद्र कुमार पिछले ग्यारह महीने से इराक़ में नौकरी कर रहे हैं.

वे उसी कंपनी में काम करते हैं जिसके चालीस कामगार अगवा कर लिए गए हैं. बीबीसी ने जीतेंद्र के पिता बुलाकर सिंह से बात की.

बुलाकर सिंह ने बताया कि बेटे जितेंद्र सिंह से उनकी पिछली बातचीत रविवार को हुई थी. उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद बेटे की कोई खोज-ख़बर नहीं मिली है.

15 जून को हुई बातचीत के बारे में उन्होंने बताया, "बेटे ने कहा कि वह सही-सलामत है. उन्हें वहां कोई परेशानी नहीं. बेटे ने यह भी कहा कि वहां खाना भी मिल रहा है."

इराक़ के माहौल के बारे में जितेंद्र सिंह ने पिता को बताया था कि वहां झगड़ा चल रहा है और कई कंपनियां भाग गई हैं. जितेंद्र ने यह भी बताया, "हमें दूसरी जगह लाया गया है. लेकिन किस जगह, पता नहीं."

भारत की टीम

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पिता बुलाकर सिंह ने बताया कि जितेंद्र सिंह कंपनी में कभी मजदूर का काम करते थे.

उन्होंने जानकारी दी कि अगवा किए गए पंजाब के ही एक और लड़के की बहन की भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से फोन पर बात हुई है.

सुषमा स्वराज ने उन्हें फोन पर बताया कि बुधवार को इराक़ में भारत की एक टीम पहुंचेगी. उन्होंने ये भी बताया है कि राज्य सरकार की तरफ से उनसे बात करने कोई नहीं आया है.

इसके पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि की कि इराक़ में 40 भारतीय अगवा हुए हैं.

उन्होंने कहा था, ''अभी तक हमारे पास यही जानकारी है कि मोसूल में 40 भारतीय कर्मचारियों का अपहरण हुआ है. ये लोग तारिक नूर अल हुदा कंपनी के कर्मचारी हैं.''

इराक़़ में प्रभावित इलाक़े में क़रीब 100 भारतीय हैं, जिनके रिश्तेदार उनके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं.

आईएसआईएस के लड़ाकों ने गत दस जून को इस शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

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