'विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अमरीका करे हवाई हमले'

  • 19 जून 2014
इराक़ में आईएसआईएस के लड़ाके इमेज कॉपीरइट AFP

इराक़ ने अमरीका से आधिकारिक तौर पर कहा है कि वे जिहादी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ हवाई हमले करे जिन्होंने पिछले हफ़्ते में कई अहम शहरों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

अमरीका के एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर, जनरल मार्टिन डेम्पसी ने अमरीकी सांसदों के सामने पुष्टि करते हुए कहा, "इराक़ सरकार ने हमसे हवाई हमलों के लिए निवेदन किया है."

जनरल डेम्पसी ने एक सीनेट समिति को बताया कि ''(आईएसआईएस) जहां कहीं भी हो, उनका विरोध करना अमरीका के राष्ट्रीय हित में होगा''.

इससे पहले सुन्नी विद्रोहियों ने राजधानी बग़दाद के उत्तर में बैजी में इराक़ के सबसे बड़े तेल शोधक संयंत्र पर हमला कर दिया.

इराक़ी प्रधान मंत्री नूरी अल मलिकी ने इससे पहले सभी देशवासियों से चरमपंथियों के खिलाफ़ एकजुट होने की अपील की.

सरकारी सुरक्षाबल, चरमपंथी संगठन आईएसआईएस और दियाला और सलाहुद्दीन प्रांतों में उसके सुन्नी मुस्लिम सहयोगियों को पीछे धकेलने की कोशिश में लगे हैं.

आईएसआईएस ने पिछले सप्ताह देश के दूसरे सबसे शहर मोसूल पर कब्ज़ा कर लिया था.

अभी फ़ैसला नहीं

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों के साथ इराक़ संकट पर बुधवार को बातचीत की.

इस बैठक से पहले सीनेट के नेता हैरी रीड ने कहा कि वे इराक़ के ''गृह युद्ध'' में अमरीकी सुरक्षाबलों के किसी भी तरह से शामिल होने का ''समर्थन नहीं करते''.

वॉशिंटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता बृजेश उपाध्याय ने व्हाइट हाउस के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति ओबामा ने इराक़ की बिगड़ती हालत के जवाब में किसी तरह की कार्रवाई पर अभी फ़ैसला नहीं किया है.

अमरीकी अधिकारियों का ये भी कहा है कि ये हवाई हमले फ़ौरन होंगे इसके आसार नहीं नज़र आ रहे हैं क्योंकि निशाना लगाने के लिए अभी ठोस ख़ुफ़िया जानकारी नहीं मिल पाई है.

इस बीच विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ओबामा प्रशासन को इराक़ की बिगड़ती स्थिति के लिए ज़िम्मेदार ठहरा रही है. उनका कहना है कि इतनी मेहनत और कुर्बानियों से जो जीत हासिल हुई थी उसे प्रशासन की नीति ने गंवा दिया है.

इराक़ की स्थिति संभालने में ईरान के साथ सहयोग की कोशिशों की भी वो सख़्त आलोचना कर रहे हैं. कांग्रेस के निचले सदन में रिपब्लिकन स्पीकर जॉन बेनर का कहना था कि वो बिल्कुल इसके पक्ष में नहीं हैं.

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Image caption बैजी का तेल शोधक संयंत्र (फ़ाइल फ़ोटो)

कुछ अन्य घटनाओं में

  • ब्रितानी प्रधान मंत्री डेविड कैमरन ने संसद को बताया है कि आईएसआईएस, ब्रिटेन पर आतंकी हमले की योजना भी बना रहा है.
  • भारत ने पुष्टि की है मोसूल में उसके 40 नागरिकों को अगवा कर लिया गया है.
  • सऊदी अरब के विदेश मंत्री सॉद बिन फ़ैसल ने चेतावनी दी है कि इराक़ में गृह युद्ध का ख़तरा मंडरा रहा है.
  • तुर्की उन ख़बरों की जांच कर रहा है जिनमें कहा गया है कि मंगलवार को आईएसआईएस ने 15 तुर्की मज़दूरों को अगवा कर लिया है, पिछले सप्ताह मोसूल में 80 तुर्कों का अपहरण हो गया था.

बुधवार को इराक़ी सेना ने कहा था कि उसने बैजी रिफ़ायनरी पर हमला करने वाले आईएसआईएस लड़ाकों को पीछे धकेल दिया है.

हमला, रिफ़ायनरी के दो मुख्य प्रवेश द्वारों के बाहर से कथित तौर पर स्थानीय समयानुसार सुबह चार बजे शुरू हुआ.

सेना के प्रवक्ता क़ासिम अता ने टीवी पर सीधे प्रसारित हुए एक पत्रकार सम्मेलन को बताया, "सुरक्षाबलों ने आईएआईएस की बैजी रिफ़ायनरी पर हमले की कोशिश को विफल कर दिया और 40 आतंकवादियों मारे गए हैं."

लेकिन एक अधिकारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि 75 प्रतिशत रिफ़ायनरी विद्रोहियों के क़ब्ज़े में है.

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नज़दीक के बैजी शहर पर पिछले हफ़्ते आईएसआईएस चरमपंथियों ने धावा बोल दिया था. तेल शोधक संयंत्र से विदेशी कर्मचारियों को निकाला जा चुका था लेकिन कहा जा रहा है कि वहां अब भी स्थानीय स्टाफ़ है.

पिछले सप्ताह चरमपंथियों की कार्रवाई के बाद से सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. माना जा रहा है कि मृतकों में इराक़ी सैनिक भी शामिल हैं जिन्हें आईएसआईएस ने सार्वजनिक तौर पर गोलियों से मारा था.

इस सप्ताह बाक़ूबा शहर में लड़ाई के दौरान एक पुलिस स्टेशन के अंदर 44 क़ैदी मारे गए थे.

इराक़ी प्रधान मंत्री नूरी अल मलिकी ने आईएसआईएस के हमले को धक्का बताया है लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ''हर बाधा या धक्का हार नहीं होती."

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