फोन हैंकिंग मामलाः कॉल्सन दोषी साबित

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ब्रिटेन के फोन हैकिंग मामले में लंदन की एक अदालत ने 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' के पूर्व संपादक एंडी कॉल्सन को फोन हैकिंग की साजिश रचने का दोषी पाया है.

फोन हैकिंग मामले की सुनवाई के दौरान न्यूज इंटरनेशनल की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेबेका ब्रुक्स को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

कॉल्सन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के संचार प्रमुख के पद तक पहुंच गए थे. अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए माफी मांगी है.

ब्रितानी अखबार 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' कई शाही शख्सियतों, हस्तियों और अपराध पीड़ितों के फोन हैक कर चुका है.

फैसला आने के बाद कैमरन ने यह कहते हुए माफी मांगी, "मेरा फैसला गलत था और अब ये मैं अच्छी तरह समझ गया हूं."

डेविड कैमरन की माफी

ओल्ड बेली में अदालत की सुनवाई के दौरान मौजूद सात पक्षों में कॉल्सन और ब्रुक्स भी शामिल थे.

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बीबीसी के राजनीतिक संपादक निक रॉबिंसन ने कहा है कि इस बात पर नजर रखी जाएगी कि "तीन साल पहले कैमरन ने जिस माफी का वादा किया था उसे मांगते हैं कि नहीं. लगता है प्रधानमंत्री माफी मांगने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं...कि क्यों उन्होंने न्यूज ऑफ वर्ल्ड के पूर्व संपादक को दूसरा मौका देने का फैसला किया."

जब फैसला आया तो ब्रुक्स बेहद भावुक हो उठीं. उन्हें अदालत से बाहर ले जाना पड़ा.

जब फोन हैकिंग मामले की 138वीं सुनवाई चल रही थी तब अदालत में बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता रॉबिन ब्रांट भी उपस्थित थे.

उन्होंने बताया कि कॉल्सन पीछे हाथ किए खड़े दिखे. फैसला सुनाए जाने का उन पर कोई भावनात्मक असर नहीं दिखा.

विवाद की शुरुआत

ब्रुक्स के अंदाज से ऐसा लग रहा था मानों वे जूरी को शुक्रिया कह रही हों.

उनके साथ अदालत में उनकी पूर्व निजी सहायक चेरिल कार्टर भी मौजूद थीं.

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न्यूज इंटरनेशनल की पूर्व मुख्य कार्यकारी के पति चार्ली ब्रुक्स भी थोड़े भावुक दिखें.

फैसला जब सुनाया गया तो अदालत में लगभग 70 लोग मौजूद थे.

फोन हैकिंग विवाद 2005 में शुरू हुआ था. ये बात 2005 की है जब ब्रितानी राज परिवार के कुछ सदस्यों ने 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' में अपने बारे में छपी नितांत व्यक्तिगत बातों को लेकर चिंता व्यक्त की.

इन ख़बरों में से एक ये थी कि प्रिंस विलियम के घुटने में चोट लगी है. राज परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और मामला अदालत में पहुँच गया.

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