क़ादरी ने बजाया पाकिस्तान में क्रांति का बिगुल

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पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के नेता डॉ. ताहिर उल क़ादरीने घोषणा की है कि पाकिस्तान में जल्दी ही क्रांति होगी.

उन्होंने सोमवार को क्रांति के लिए अभियान की शुरुआत करते हुए कहा, "मैं जल्दी ही क्रांति की घोषणा करूंगा."

ताहिरुल क़ादरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ़ पर उनके विमान को अगवा करने की कोशिश का आरोप लगाया.

क़ादरी ने कहा, "ख़ुदा की वजह से मैं सुरक्षित हूं. नवाज़ शरीफ़ और शाहबाज़ शरीफ़ से बड़ा आतंकवादी कोई नहीं है."

क़ादरी ने ये भी कहा, "मुझे किसी चीज़ की चाहत नहीं है. मैं यहां महिलाओं, युवाओं, मज़दूरों और बहनों के हक़ और अधिकार की लड़ाई लड़ने आया हूं."

'लक्ष्य हासिल करना है'

क़ादरी ने ये भी कहा किवे कनाडा से पूरी तरह लौटआए हैं. उन्होंने कहा, "कनाडा में एक जोड़ी जूता तक नहीं छोड़ा है. मैं लक्ष्य हासिल होने तक यहां रहने आया हूं. अब मसला देश की मीडिया और अदालत के पाले में है."

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डॉ. क़ादरी ने पिछले सप्ताह मॉडल टाउन में जान गंवाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को याद करते हुए कहा, "16 और 17 जून को विरोध प्रदर्शन करते हुए शासन के आतंकवाद के शिकार बने लोगों की शहादत को हमेशा याद रखेंगे."

बीते एक सप्ताह के दौरान देश की राजनीतिक हालात के बारे की रिपोर्टिंग के लिए क़ादरी ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों को धन्यवाद दिया.

डॉ. क़ादरी ने कहा, "देश को लुटने वाले भागने की फिराक में हैं, लेकिन मैं ऐसा होने नहीं दूंगा. मैं उन्हें जेल में डालूंगा और एक-एक पैसे का हिसाब लूंगा."

सेना का साथ

इससे पहले क़ादरी ने लाहौर के जिन्ना अस्पताल में घायल पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान उनके साथ पंजाब के राज्यपाल चौधरी मोहम्मद सरवर भी मौजूद थे.

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इससे पहले क़ादरी के विमान को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लाहौर के बदले इस्लामाबाद में उतरने की अनुमति दी गई और इसके बाद वे सड़क मार्ग से लाहौर पहुंचे. हालांकि इस पर क़ादरी ने सरकार पर विमान का अपहरण करने का आरोप लगाया और घंटों तक वो विमान से उतरने को राज़ी नहीं हुए.

पाकिस्तान में कई लोग मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ से मतभेदों के बाद पाकिस्तानी सेना क़ादरीको बढ़ावा दे रही है.

डॉक्टर क़ादरी साल 2005 से कनाडा में रह रहे थे और वह वहां मिनहाजुल क़ुरान इंटरनेशनल के बैनर तले एक शैक्षणिक और जन-कल्याणकारी संस्था चलाते थे.

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