इराक़ पहुँचे अमरीकी सैनिक

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इराक़ में जारी संकट के बीच वहाँ की सेना की मदद के लिए अमरीकी सैनिकों का पहला दल इराक़ पहुँच चुका है. अमरीकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह दल अपना काम शुरू कर चुका है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि वह इराक़ में 300 सैनिक सलाहकार भेजेंगे. उनमें से आधे सैनिक बग़दाद या अन्य मोर्चों पर तैनात हो चुके हैं.

अन्य सैनिकों के अगले कुछ दिनों में इराक़ पहुँचने की संभावना है.

सुन्नी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक़ ऐंड अल-शाम यानी आईएसआईएस ने इराक़ के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के कई इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर लिया है. इनमें इराक़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर, मोसूल भी शामिल है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने इस सुन्नी चरमपंथी संगठन के लड़ाकों को बाहर करने के लिए क्षेत्रीय एकजुटता बनाने की अपील की है.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार अमरीकी सैनिकों के दो दलों ने विद्रोही लड़ाकों का मुक़ाबला कर रहे इराक़ी सैनिकों के मोर्चे पर पहुँच कर स्थिति की समीक्षा का काम शुरू कर दिया. इन दलों में कुल 40 सैनिक हैं.

वहीं, 90 सैनिकों का एक अन्य दल बग़दाद में एक नए न्यू ज्वॉइंट कमांड सेंटर के निर्माण में सहायता करेगा.

चार दल शीघ्र ही पहुँचेंगे

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अमरीकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार अगले कुछ दिनों में 50-50 सैनिकों के चार दल इराक़ पहुँचेंगे.

वाशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड विलिस के अनुसार अमरीकी सरकार ने कहा है कि ये सैनिक सीधी कार्रवाई में शामिल होने के उद्देश्य से नहीं जा रहे हैं. ये सैनिक इराक़ी सेना को सैन्य सलाह और ख़ुफ़िया मामलों से जुड़ी सेवा देने जा रहे हैं.

इराक़ी सरकार ने अमरीका से विद्रोही लड़ाकों पर हवाई हमला करने की अपील की थी लेकिन अमरीका ने फ़िलहाल इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है.

संयुक्त राष्ट्र की एक टीम के अनुसार इराक़ में केवल जून महीने में 1,075 लोग मारे गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर आम नागरिक हैं.

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