इराक़ के जिहादियों पर सीरिया की बमबारी

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सीरिया ने इराक़ के अंदर सुन्नी चरमपंथियों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं. इराक़ के प्रधानमंत्री ने बीबीसी न्यूज़ से इस बात की पुष्टि की है.

प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा कि सीरियाई लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को सीमावर्ती कस्बे कईम और चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए बमबारी की.

हालांकि इराक़ ने इस हवाई हमले के लिए सीरिया से नहीं कहा था. मलिकी ने कहा कि इस्लामी संगठन आईएसआईएस (इस्लामी इस्टेट इन इराक़ एंड अल शाम) के ख़िलाफ़ इस तरह के किसी भी हमले का 'स्वागत' है.

आईएसआईएस ने इराक़ के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसूल समेत देश के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है.

इराक़ पहुँचे अमरीकी सैनिक

इराक़ी सरकार चरमपंथियों के नियंत्रण वाले उत्तरी और पश्चिमी इलाक़ों पर फिर से कब्ज़ा करने के लिए संघर्ष कर रही है और उसे ईरान से भी समर्थन मिल रहा है.

शिया बहुल ईरान के साथ इराक़ के क़रीबी संबंध हैं.

रूस से सैन्य मदद

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अमरीका ने इस बात ज़ोर दिया है कि चरमपंथियों को केवल इराक़ के सुरक्षा बलों के ज़रिए ही हराया जा सकता है. इराक़ी सरकार को अमरीका का भी समर्थन हासिल है.

'15 दिन में 1,000 से ज़्यादा की मौत'

बीबीसी से बातचीत में मलिकी ने कहा कि अमरीका एफ़ 16 जेट की बिक्री में देरी कर रहा है इसलिए इराक़ रूसी लड़ाकू विमान ख़रीद रहा है और ये कुछ ही दिनों में पहुंचने वाले हैं.

बग़दाद में अगले सप्ताह जब संसद बैठेगी तो राष्ट्रीय एकता बनाने की कोशिशों के मद्देनज़र मलिकी एक नई सरकार बनाना चाहेंगे.

बग़दाद की सड़कों पर शिया लड़ाकों की परेड

एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य घटना में, अल-क़ायदा की सीरिया शाखा- नुस्रा फ्रंट- ने इराक़ी सीमा के पास सीरिया के अल्बू कमल कस्बे में आईएसआईएस का समर्थन किया है.

अभी हाल तक, नुस्रा फ्रंट सीरिया में आईएसआईएस के ख़िलाफ़ लड़ता रहा था.

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