भारत और चीन के विकास से बढ़ी मुश्किलें: ओबामा

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ाने के लिए भारत और चीन की तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था को ज़िम्मेदार बताया है.

ओबामा ने अमरीकी नागरिकों को हरित तकनीकी अपनाने के लिए तैयार रहने को कहा है.

ओबामाने गुरुवार को मीनियापोलिस में कहा, ''सैंडी तूफ़ान उतना भयानक नहीं हो सकता था, जितना है. आप अधिक बाढ़ देख रहे हैं. फ़्लोरिडा जैसे तटीय इलाक़ों के पड़ोसी शहरों में हमेशा ऊंची लहरें उठती रहती हैं. इससे बाढ़ आती रहती है.''

उन्होंने कहा, ''यह समस्या बदतर होती जा रही है, क्योंकि भारत, चीन और उनके जैसे अन्य देशों के लोग अब कार और बिजली के साथ-साथ वो सभी चीजें चाहते हैं, जो हमारे पास हैं. उन्होंने अधिक बिजली घर बनाने शुरू कर दिए हैं और अधिक कारें भी चला रहे हैं.''

पर्यावरण की चिंता

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि ये चीजें अधिक कार्बन डाइऑक्साइड पैदा कर रही हैं और इनसे अमरीकी लोगों को निपटना है.

उन्होंने कहा, ''अब अच्छी ख़बर ये है कि इनका सामना करने के उपाय किए जा सकते हैं. हमने कारों के ईंधन से जुड़े मानक और कड़े कर दिए. अगले दशक के मध्य तक कारें और ट्रक एक गैलन गैस में आज की तुलना में दोगुना चलने लगेंगी. इससे पैसा बचेगा. इसके साथ-साथ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड भी हटेगी.''

ओबामा ने कहा कि उनकी सरकार स्वच्छ ईंधन के क्षेत्र में निवेश करेगी.

अमरीकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि जबसे उनकी सरकार बनी है, तबसे तीन गुनी अधिक बिजली हवा से और 10 गुना अधिक सौर ऊर्जा से बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि उससे रोजगार भी पैदा हुआ है और लोग अपने घरों में हवा से चलने वाली टरबाइन और सोलर पैनल लगवा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यह अर्थशास्त्र के लिहाज़ से अच्छा है और यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है.

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