क्या है आईएसआईएस का सियासी मॉडल?

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इराक़ के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसूल पर 10 जून को क़ब्ज़ा करने के बाद इस्लामी स्टेट इन इराक़ एंड अल शाम (आईएसआईएस) बग़दाद की ओर कूच कर चुका है.

रास्ते में आने वाले कई क़स्बों, सैन्य शिविरों और प्राकृतिक संसाधनों पर क़ब्ज़ा करता जा रहा है. लेकिन इस संगठन की लंबी योजना क्या है?

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यह दुनिया का सबसे धनी चरमपंथी संगठन है. सीरिया के पूर्वी अलेप्पो प्रांत में अल-बाब से लेकर 670 किमी दूर इराक़ के सलाउद्दीन प्रांत में सुलेमान बेक तक का इलाक़ा इसके नियंत्रण में है और साफ़ तौर पर यहां इस्लामिक राज्य स्थापित करना चाहता है.

तात्कालिक रूप से आईएसआईएस को अपनी गति बनाए रखने के लिए इराक़ के अन्य हिस्सों और संपत्तियों पर क़ब्ज़ा जमाने की ज़रूरत है.

मुश्किल यह है कि इराक़ी सरकार के ख़िलाफ़ केवल आईएसआईएस ही नहीं संघर्ष कर रहा है बल्कि मौजूदा प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी की वैधता को चुनौती देने के लिए इस्लामी, सूफ़ी, बाथ पार्टी और कबायली लोगों का एक 'मौकापरस्त गठजोड़' बन गया है.

बग़दाद से पहले

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भविष्य में इराक़ में आईएसआईएस की भूमिका इससे तय होगी कि इन सभी गुटों के बीच का ढीलाढाला गठजोड़ कब तक चलता है. ज़मीनी तौर पर आईएसआईएस का विद्रोह सुन्नी चरमपंथी उभार का रूप ले चुका है.

इराक़ के साथ हुई छह गड़बड़ियां

इराक़ में आईएसआईएस के बढ़ता प्रभाव सीरिया पर भी पड़ेगा. सीरिया के राक़ा शहर समेत कई नगर निगमों पर आईएसआईएस का पहले से नियंत्रण है.

आईएसआईएस का तात्कालिक उद्देश्य दोनों देशों के सीमावर्ती शहरों पर क़ब्ज़ा करना है.

आईएसआईएस ने 2013 में सीरिया में काफ़ी विस्तार किया. सीरिया में आईएसआईएस ने समृद्ध उत्तर पूर्व क्षेत्र पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है और इराक़ी सीमा के पास दैर अल-ज़ौर और हासाक पर फिर से पैर जमाने की कोशिश में है. माना जा रहा है कि इस वर्ष के अंत तक कुछ और इलाक़ों में इसका प्रभाव बढ़ जाएगा.

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वैकल्पिक सरकार

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आईएसआईएस इराक़ में अस्थिरता बढ़ाना चाहेगा. साथ ही वह प्रशासन का एक वैकल्पिक मॉडल भी देने की कोशिश है.

मोसूल पर क़ब्ज़े के तुरंत बाद संगठन ने शहर में एक राजनीतिक चार्टर के पर्चे बांटे. इसमें एक ऐसे मॉडल का ज़िक्र था, जो सीरिया के राक़ा और अन्य जगहों पर आईएसआईएस ने लागू कर रखा है.

इसके मुताबिक़, कड़े धार्मिक क़ायदों, महिलाओं के पहनावे, नशाख़ोरी, शराबबंदी के अलावा जनकल्याण कार्यक्रम, नागरिक कर, यातायात लागू किया जा रहा है.

आईएसआईएस किसी पर निर्भर नहीं और ये सारी योजनाएं ख़ुद के फंड से संचालित हैं.

आने वाले समय में इसका प्रभाव जॉर्डन तक फैलने की संभावना है. जॉर्डन सीमा पर कुछ इलाक़ा आईएसआईएस लड़ाकों के नियंत्रण में है और उसका समर्थन बढ़ रहा है.

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