हमलों के बावजूद संघर्ष विराम पर कायम यूक्रेन

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यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों की तरफ़ से किए जा रहे हमलों के बावजूद सरकार की तरफ़ से घोषित संघर्ष विराम सफल प्रतीत हो रहा है.

कई सरकारी इमारतों पर हमले होने के बावजूद अब तक किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं आई है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को एक हफ़्ते से लागू संघर्ष विराम को अगले तीन दिन के लिए बढ़ा दिया था.

राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने 20 जून को जिस 15 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है, उसमें सत्ता के विकेंद्रीकरण और स्थानीय और संसदीय चुनाव जल्द कराने का वादा किया गया है.

दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों में कुछ विद्रोही नेताओं ने कहा कि वे संघर्ष विराम का पालन करेंगे, लेकिन दूसरे नेताओं ने इसे ख़ारिज कर दिया.

पोरोशेंको ने यह घोषणा यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक अहम व्यापार संधि पर हस्ताक्षर के कुछ घंटे बाद की, जो हाल के संकट की एक वजह भी रहा है.

उन्होंने कहा कि यह एक 'ऐतिहासिक' पल है, वहीं दूसरी ओर रूस ने इसका "परिणाम" भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन दो हिस्सों में बँट जाएगा.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पहले कहा था कि वह संघर्ष विराम का स्वागत करेंगे पर अगर यह अलगाववादियों को हथियार डालने की चेतावनी है तो वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे.

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वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दीर्घकालिक संघर्ष विराम पर जोर दिया है ताकि यूक्रेनी सरकार और अलगाववादियों के बीच बातचीत हो सके साथ ही उन्होंने पोरोशेंको से "शांति, वार्ता और समझौते की राह" पर चलने की गुज़ारिश की है.

यूरोपीय संघ से क़रार

यूक्रेन के नीतिगत पहलुओं से जुड़े यूरोपीय परिषद के दस्तावेज़ के मुताबिक़ सोमवार तक कुछ अहम क़दमों की उम्मीद की जा सकती है.

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इसमें तीन प्रमुख चौकियां यूक्रेन सेना को सौंपने और "राष्ट्रपति पोरोशेंको की शांति योजना के क्रियान्वयन के लिए बातचीत शुरू करने" जैसी पहल शामिल है.

संघर्ष विराम की समय सीमा शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे ख़त्म हो गई थी.

पूर्वी इलाक़े के अलगाववादियों ने शुक्रवार को मध्यस्थों के साथ बातचीत की, जिनमें यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा, यूक्रेन में मास्को के राजदूत और यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन, ओएससीई शामिल हैं.

पूर्वी इलाक़े में स्वघोषित "दोनेत्स्क जनवादी गणराज्य" के नेता एलेक्जैंडर बोरोडे ने कहा कि नया संघर्ष विराम 30 जून तक रहेगा.

यूक्रेन के रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को अपदस्थ करने और क्राईमिया को रूस में शामिल करने की वजह से रूस और यूक्रेन के बीच विवाद पैदा हुआ था.

पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों और सेना के बीच संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

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