रोज़े की भूख पर सोशल मीडिया का मरहम

सोशल मीडिया, हैशटैग  #RamadanProblems. इमेज कॉपीरइट

रमज़ान इन दिनों भी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

#RamadanProblems एक ऐसा ट्रेंड बन गया है जो ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, वाइन आदि पर खूब लोकप्रिय हो रहा है.

रमज़ान पिछले हफ्ते शुरू हो गया. दुनिया भर के मुसलमानों ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखना शुरू कर दिया है.

रोजा रखने वाले हजारों मुसलमान आजकल #RamadanProblems की मदद से अपने अनुभव सबसे साझा कर रहे हैं.

सामुदायिकता

पत्रकार और सांस्कृतिक आलोचक लैला अल्वा का मानना है कि सोशल मीडिया इन ट्रेंड्स के जरिए मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच एक तरह के गौरव और सामुदायिकता का एहसास पैदा कर रहा है.

लैला अल्वा हैशटैग #RamadanProblems से जुड़ी चर्चाएं आयोजित करते हैं.

ठीक #FirstWorldProblems हैशटैग की तरह ही #RamadanProblems पर मज़ाकिया लहजे में भी ढेर सारे ट्वीट किए जा रहे हैं.

मसलन एक व्यक्ति ने रंगों की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, ''रोज़े के दौरान पहले तो ये खूबसूरत तस्वीर देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया, फिर देखा तो पता चला ये खीर नहीं रंगों की प्लेट है.''

टिप्स और सुझाव

#RamadanProblems के माध्यम से कुछ लोग रमज़ान से जुड़े टिप्स और सुझाव भी दे रहे हैं.

कुछ ऐसी भी बातें चल रही हैं जिससे गैर मुस्लिम को रमज़ान के तौर-तरीकों को समझने में सहूलियत हो. लेकिन ज्यादा बातें भूख के बारे में हो रही हैं.

"ये व्रत (फास्ट) जल्दी जल्दी (फास्ट) क्यों नहीं बीत जाता #RamadanProblems"

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"रमज़ान की एक मुश्किल ये है कि आप जहां भी जाएं आपको इंसानों के बजाय खाना घूमता-फिरता नज़र आता है#RamadanProblems "

रमज़ान ऐप

इस साल रमज़ान में कई ट्रेंड्स देखने को मिल रहे हैं. जैसे कि "हैप्पी फास्टिंग" लगभग 2,00,000 बार इस्तेमाल किया गया.

यही नहीं कई मस्जिद और मुस्लिम विद्वान भी सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल करने लगे हैं.

रमज़ान से जुड़े अनगिनत ऐप भी शुरू किए गए हैं. इसी कड़ी में 'रमज़ान टिप्स' ट्विटर पर और 'प्रोडक्टिव मुस्लिम' नाम का एक फेसबुक पेज भी बना है.

ये ऐप इतने चर्चित हो रहे हैं कि इनको लाखों की संख्या में लाइक्स मिल रहे हैं.

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